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    Jharkhand News: रांची के कर्नल को मिला न्याय, उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 60 हजार का जुर्माना

    Updated: Sat, 12 Jul 2025 11:58 AM (IST)

    रांची के कर्नल कुमार आनंद को रेलवे की लापरवाही के चलते हुई परेशानी के लिए मुआवजा मिला। पटना जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को किराये की अंतर-राशि और 60 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया। कर्नल आनंद का टिकट बिना सूचना के डाउनग्रेड कर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने मानसिक पीड़ा और कानूनी खर्च के लिए मुआवजे का आदेश दिया।

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    उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 60 हजार का जुर्माना। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, रांची/पटना। रांची के कर्नल कुमार आनंद को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार न्याय मिला। रेलवे की लापरवाही के कारण हुई असुविधा का मुआवजा अब रेलवे को न सिर्फ किराये की अंतर-राशि लौटाकर चुकाना होगा, बल्कि 60 हजार रुपये का हर्जाना भी देना पड़ेगा।

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    यह निर्णय पटना जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि देरी की स्थिति में रेलवे को अतिरिक्त 10 हजार रुपये भी चुकाने होंगे।

    कर्नल आनंद की तैनाती पंजाब में थी, उन्हें 2014 में नई दिल्ली होते हुए पटना के लिए एसी फर्स्ट क्लास का टिकट रेलवे वारंट के जरिए बुक कराया था।

    टिकट को एसी सेकेंड क्लाश में किया डाउनग्रेड

    लेकिन रेलवे ने बिना कोई पूर्व सूचना दिए उनका टिकट एसी सेकेंड क्लास में डाउनग्रेड कर दिया। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब वे स्टेशन पर यात्रा के लिए पहुंचे।

    यात्रा के बाद उन्होंने किराये की अंतर-राशि (3050 रुपये) की वापसी के लिए रेलवे से कई बार अनुरोध किया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। रेलवे के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहे।

    जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराई शिकायत

    अंत में जुलाई 2019 में उन्होंने पटना जिला उपभोक्ता आयोग में उत्तर रेलवे, पूर्व-मध्य रेलवे और रेलवे बोर्ड के पांच अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई।

    करीब पांच साल तक चली सुनवाई के बाद, 29 मई 2024 को उत्तर रेलवे ने अंतर-राशि लौटाने की बात मानी, लेकिन आयोग ने इसे पर्याप्त नहीं माना।

    कर्नल आनंद को झेलनी पड़ी पीड़ा

    अध्यक्ष प्रेमरंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार ने अपने निर्णय में कहा कि रेलवे की लापरवाही के कारण कर्नल आनंद को मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी, साथ ही कानूनी लड़ाई में भी खर्च उठाना पड़ा।

    अदालत ने रेलवे को निर्देश दिया है कि वह 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ 3050 रुपये की अंतर-राशि लौटाए, 50,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के लिए लौटाने की बात कही। 

    वहीं, 10,000 रुपये कानूनी खर्च के रूप में कर्नल आनंद को अदा करें। देरी या हीलाहवाली की स्थिति में आगे की कार्रवाई के लिए रास्ता भी खुला रहेगा।

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