Jharkhand Budget: हेमंत सरकार 3 मार्च को दे सकती है बड़ी खुशखबरी, मंईयां सम्मान योजना पर भी आया अपडेट
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होगा। 24 फरवरी को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण होगा। इसमें सरकार के रोडमैप का उल्लेख होगा। विधानसभा में तीन मार्च को वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेंगे। एक मायने में यह बजट चुनावी घोषणा पत्रों में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में शुरुआत होगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होगा। राज्य सरकार के आगामी बजट में विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए घोषणाओं की झलक देखने को मिलेगी। सत्तारूढ़ गठबंधन की योजनाओं का ही असर था कि शानदार बहुमत के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सत्ता में वापसी की।
महिलाओं के लिए मंईयां सम्मान योजना की राशि एक हजार रुपये से बढ़ाकर ढ़ाई हजार रुपये करने की घोषणा पूर्व में ही की गई थी। सरकार बनने के साथ ही इस पर अमल हुआ। समारोह पूर्वक इस योजना की शुरूआत की गई।
राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को कई राज्यों ने स्वीकार भी किया। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर होगी। राज्य सरकार ने जातीय जनगणना की दिशा में पहल की है। इसके लिए सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है।
जातीय जनगणना के लिए बजटीय प्रविधान किया जा सकता है। कांग्रेस ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मांग भी उठाई थी। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसे जल्द से जल्द आरंभ कराने के पक्ष में है। यह कांग्रेस की सात गारंटियों में प्रमुख है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कम करने समेत कृषि लोन वापसी के लिए भी सरकार उपाय करेगी। विधानसभा में तीन मार्च को वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेंगे। एक मायने में बजट चुनावी घोषणा पत्रों में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में शुरुआत होगी।
24 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण
विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन 24 फरवरी को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण होगा। इसमें सरकार के रोडमैप का उल्लेख होगा। इसके बाद सदन में शोक प्रकाश होगा, जिसमें पिछले सत्र की अवधि से अबतक दिवंगत हुए विभूतियों को याद किया जाएगा।
शोक प्रकाश के साथ ही सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। 25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा होगी। अनुपूरक 25 मार्च को राजकीय विधेयक और राजकीय कार्य होंगे। तीन मार्च को बजट पेश किया जाएगा।
तीन साल से कर्ज नहीं, दस प्रतिशत तक बढ़ सकता है बजट
झारखंड सरकार के लिए इस वित्तीय वर्ष का बजट चुनौतियों से भरा होगा। खासकर पिछले तीन वर्षों का इतिहास जहां कर्ज लेने से रोक रहा है, वहीं विकास कार्यों के लिए फंड की आवश्यकता इतनी अधिक हो रही है कि इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए मंईयां सम्मान योजना को जारी रखने के साथ ही ग्रामीण विकास के बजट को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार को राजस्व संसाधनों को बढ़ाना होगा। अनुमान के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का बजट 1.4 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
इस वित्तीय वर्ष में बजट 1.28 लाख करोड़ रुपये के करीब है। राज्य सरकार को केंद्रीय अनुदानों में कोई खास बढ़ोतरी का अनुमान नहीं है और इसी कारण से सरकार अपने स्तर से संसाधनों को तलाशने में जुट चुकी है।
वित्त विभाग में विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी किया गया है जो विभिन्न राजस्व संबंधी विभागों में राजस्व के नए स्रोतों को तलाश रही है और पुराने स्रोतों को और सशक्त करने पर फोकस कर रही है।
इस कमेटी में वाणिज्य कर, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग आदि के प्रतिनिधि भी हैं। यह कमेटी लगातार मंथन कर रही है और कई नए स्रोतों की तलाश भी की जा चुकी है।
अतिरिक्त राशि की आवश्यकता के पीछे का तर्क यह है कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास की योजनाओं को जारी रखते हुए, शहरी क्षेत्रों में भी पुलों के निर्माण को बढ़ाना चाहती है। मंईयां सम्मान योजना को जारी रखने में ही 15 हजार करोड़ से अधिक राशि खर्च होगी।
मिलेट थ्योरी से मिलेगा लाभ
झारखंड में राज्य सरकार एमआईएलएलईटी (मिलेट) थ्योरी पर राजस्व के संसाधनों की तलाश में जुटी है। इसके अनुसार माइंस, इंडस्ट्री, लैंड बैंक, भू-राजस्व और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में राजस्व बढ़ाने के उपाय ढूंढ़ रही है। कमेटी में शामिल अधिकारी भी इसी पर फोकस कर रहे हैं।
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