Jharkhand Politics: 'तिरंगा यात्रा सेना के पराक्रम पर पर्दा डालने की कोशिश', झामुमो का BJP पर जोरदार पलटवार
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बीजेपी तिरंगा यात्रा निकालने जा रही है जिसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे सेना के पराक्रम पर पर्दा डालना बताया है। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सेना की वीरता को राजनीतिक कूटनीति के नीचे दबाया गया। तिरंगा यात्रा उसी पर पर्दा डालने का प्रयास है।

राज्य ब्यूरो, रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा की तिरंगा यात्रा पर सवाल उठाए हैं। महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सेना के पराक्रम को छिपाने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए यात्रा निकाली जा रही है।
सेना की वीरता को राजनीतिक कूटनीति के तहत दबाया गया
भट्टाचार्य ने कहा कि जवानों ने पाकिस्तान के सामने पराक्रम दिखाया, लेकिन सीजफायर से पहले अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रालय के ट्वीट आते हैं। इससे लगता है कि सेना की वीरता को राजनीतिक कूटनीति के नीचे दबाया गया। तिरंगा यात्रा उसी पर पर्दा डालने का प्रयास है।
प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं जाते लेकिन झारखंड का खनिज जरूर ले जाते
झामुमो महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं जाते, लेकिन झारखंड का खनिज जरूर ले जाते हैं। रॉयल्टी तक नहीं देते। हम राज्य में पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही। झारखंड के मंत्री केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मिलने के लिए बार-बार पत्र भेज रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
अब याचना नहीं होगा, आंदोलन होगा। एक-एक पाई के लिए लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश और बिहार को सरप्लस पैसा दिया जाता है, लेकिन झारखंड और बंगाल को नजरअंदाज किया जा रहा है। हमने भारत सरकार का क्या बिगाड़ा है?
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