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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देवघर, चाईबासा और साहिबगंज में 5000 MT क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बनकर तैयार, PPP मोड पर होंगे ऑपरेट

Published: Mon, 03 Feb 2025 09:20 PM (IST)

कृषि विभाग ने किसानों के उत्पादों को संरक्षित करने के लिए राज्य में कोल्ड स्टोरेज बनाने पर जोर दिया है। ...और पढ़ें

देवघर, चाईबासा और साहिबगंज में 5000 MT क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बनकर तैयार (सांकेतिक तस्वीर)
देवघर, चाईबासा और साहिबगंज में 5000 MT क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बनकर तैयार (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. अगले सप्ताह विभाग को हो सकते हैं हैंडओवर, बनने हैं 19 कोल्ड स्टोरेज
  2. कृषि मंत्री ने समय सीमा में कार्य पूरा करने का दिया निर्देश
  3. किसानों के फल, सब्जी, इमली और चिरौंजी का होगा संरक्षण

मनोज सिंह, रांची। किसानों के उत्पाद को संरक्षित करने के लिए कृषि विभाग की ओर से कोल्ड स्टोरेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है। देवघर, चाईबासा और साहिबगंज में कोल्ड स्टोरेज बनकर तैयार हो गया है।

अगले सप्ताह इसे कृषि विभाग को हैंडओवर किए जाने की संभावना है। राज्य में चार जिलों को छोड़कर सभी जिलों में 5000-5000 एमटी क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज बनाए जा रहे है। भवन निर्माण विभाग की ओर से कोल्ड स्टोरेज बनाया जा रहा है।

हैंडओवर होने के बाद विभाग की ओर से इसका संचालन पीपीपी मोड पर किया जाता है, जहां पर किसानों के उत्पाद को निजी कोल्ड स्टोरेज से कम दाम में रखा जाता है। एक कोल्ड स्टोरेज बनाने में लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च होते हैं।

पूर्वी सिंहभूम और रांची में जल्द पूरा होगा निर्माण

विभागीय अधिकारियों की माने तो रांची में कोल्ड स्टोरेज का निर्माण 70 प्रतिशत पूरा हो गया है। पूर्वी सिंहभूम में लगभग सारा कार्य पूरा हो गया है। चतरा, हजारीबाग और पाकुड़ में बने कोल्ड स्टोरेज विभाग को हैंडओवर कर दिए गए हैं।

लातेहार और सिमडेगा में जमीन की कमी के कारण निर्माण कार्य धीमा हो गया है। भवन निर्माण की ओर से कार्य पूरा होने के बाद सहकारिता विभाग की ओर से इसके संचालन के लिए पीपीपी मोड में थर्ड पार्टी से समझौता किया जाता है।

कृषि मंत्री के निर्देश पर कार्य में तेजी

  • कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कोल्ड स्टोरेज के निर्माण की प्रगति को लेकर हाल ही में समीक्षा की थी। जिसमें 19 कोल्ड स्टोरेज के निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिए गए थे।
  • मंत्री ने कहा कि समय सीमा में कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कार्य पूरा करने से किसानों को उनके उत्पाद संरक्षित करने में लाभ मिलेगा।
  • उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने करने का निर्देश दिया।
  • राज्य में कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से कृषि उत्पादों को संरक्षित करने में परेशानी हो रही है। इसका लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं।

फल और सब्जियां रहती हैं संरक्षित

कोल्ड स्टोरेज में सब्जी, फल, इमली, चिरौंजी सहित अन्य उत्पाद रखे जाते हैं। इसमें चार डिग्री सेल्सियस तापमान होता है, जिसकी वजह से फल, सब्जी व अन्य उत्पाद पूरी तरह से संरक्षित रहते हैं।

राज्य में बनने वाले एक-एक कोल्ड स्टोरेज में 5000 मीट्रिक टन उत्पाद रखा जा सकता है। राज्य में अभी धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और गोड्डा में कोल्ड स्टोरेज नहीं बना है।

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