विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छिपकली वाला जहरीला खाना खाकर 128 बच्‍चे पड़े बीमार, आनन-फानन में पहुंचाए गए अस्‍पताल

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Thu, 28 Sep 2023 12:04 PM (IST)Updated: Thu, 28 Sep 2023 12:26 PM (IST)

पाकुड़िया प्रखंड के सिदो कान्हु मेमोरियल आवासीय निजी विद्यालय के 128 बच्चे बुधवार रात को खाना खाने के बाद अचानक ...और पढ़ें

छिपकली गिरा खाना खाने से बच्‍चे हुए बीमार।
छिपकली गिरा खाना खाने से बच्‍चे हुए बीमार।

संसू, पाकुड़िया (पाकुड़)।  पाकुड़िया प्रखंड के सिदो कान्हु मेमोरियल आवासीय निजी विद्यालय के 128 बच्चे बुधवार की रात दूषित भोजन खाने से बीमार हो गए। इसमें से 42 बच्चों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़िया में भर्ती कराया गया। जबकि 86 बच्चों को बंगाल के रामपुरहाट के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए रात में ही भर्ती कराया गया है।

रात में खाना खाने के बाद बच्‍चे पड़ने लगे बीमार

इलाज के बाद दोनों जगहों के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। पाकुड़िया पीएचसी में भर्ती सभी बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इस संंबंध में बीडीओ मनोज कुमार ने बताया कि रात में भोजन करने के बाद बच्चे के बीमार होने की सूचना मिली थी। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी बीमार बच्चों को अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। अब सभी बच्चे स्वस्थ्य हैं।

यह भी पढ़ें: जम्मूतवी एक्सप्रेस के दरवाजे पर ली झपकी, पुल से लगभग 100 फीट नीचे कोयल नदी में गिरा यात्री, मौके पर पहुंची RPF

खाने में गिरी थी छिपकली 

बीडीओ ने बताया कि भोजन में छिपकली गिरने के बाद भोजन विषाक्त हो गया था, जिसे खाकर बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है। 

बच्चों के बीमार होने की सूचना पर सिविल सर्जन डा. मंटू कुमार टेकरीवाल व मुख्यालय डीएसपी बैजनाथ प्रसाद भी अस्पताल पहुंच बच्चाें के स्वास्थ्‍य का जायजा लिया।

इस संबंध में विद्यालय के प्रबंधक स्टेफन टुडू ने बताया कि भोजन में छिपकली गिरने के कारण यह घटना घटी। एक बच्चे ने भाेजन में छिपकली गिरने की बात बताई। रामपुर हाट में इलाजरत बच्चे शाम में वापस लौट आएंगे। सभी स्वस्थ्य हैं।

यह भी पढ़ें:  Vande Bharat: वंदे भारत के ऑटोमैटिक दरवाजों से परेशान यात्री, अब अंतिम घड़ी में दौड़कर नहीं पकड़ पा रहे ट्रेन