झारखंड में यात्रियों की बढ़ी परेशानी, कई ट्रेनें रद; कुछ देरी से चल रहीं
चक्रधरपुर रेल मंडल में विकास कार्य के चलते रेलवे की ओर से दर्जनों ट्रेन रद कर दी गई हैं जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कोहरे की वजह से भी ट्रेन अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे लोग कड़ाके की ठंड में मजबूरी में स्टेशन में रात बिता रहे हैं।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल में विकास कार्य के चलते रेलवे की ओर से दर्जनों ट्रेनों को रद कर दिया गया है। वहीं कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से चल रही हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है।
अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए कई यात्रियों को इस सर्द मौसम में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ यात्री स्टेशन पर ही रात बिताने को मजबूर हैं।
स्टेशन में इंतजार करने को मजबूर लोग
टाटानगर स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्रियों ने अपनी समस्याओं को अखबार के माध्यम से रेलवे के अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। कई ऐसे यात्री मिले जो पूरी रात वेटिंग रूम में बिताने को मजबूर थे। कुछ स्टेशन के पोर्टिको में शेड के नीचे आराम फरमाते देखे गए।
यात्रियों का कहना है कि स्कूलों में छुट्टी चल रही हैं। लोग अपने परिवार के साथ छुट्टी बिताकर अपने घर लौटने के लिए ट्रेन पकड़ने जब स्टेशन पहुंच रहे हैं तो पता चल रहा है कि कुछ ट्रेनें रद हैं, वहीं कई अपने समय से घंटों विलंब से चल रही हैं। ऐसे में उनके समक्ष इंतजार के सिवाय कोई चारा ही नहीं बचा।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा किराए में कोई कमी तो नहीं हो रही है मगर यात्रा के नाम पर उन्हें इंतजार ही मिल रहा है। रेलवे को चाहिए कि ट्रेनों को समय पर चलाए ताकि लोग अपनी मंजिल तक समय पर पहुंच सके।
मालूम हो कि चक्रधरपुर रेल मंडल में टीआरटी (ट्रैक रिन्यूवल ट्रेन) ब्लॉक के चलते 5 से 9 जनवरी के बीच एक दर्जन ट्रेनें रद है। इसके अलावा रांची रेल मंडल में 07 से 16 जनवरी तक ट्रैफिक-कम-पावर ब्लॉक को लेकर 18 ट्रेनों को 07 से 16 जनवरी तक रद करने की घोषणा की गई है।
यात्रियों के ने बताई अपनी परेशानी
- मुझे बोकारो जाना है। टाटानगर में काम खत्म करने के बाद दोपहर करीब एक बजे स्टेशन पहुंचा तो पता चला कि अब शाम छह बजे के बाद ही ट्रेन मिल पाएगा। ऐसे में अब स्टेशन पर इंतजार करने के सिवाय और कोई चारा नहीं है।
सोमनाथ मिस्त्री, बोकारो निवासी
- मै नौगछिया जाने के लिए टाटानगर स्टेशन सुबह दस बजे पहुंचा। पूछताछ केंद्र से पता चला कि टाटा-कटिहार लिंक एक्सप्रेस रात 9 बजे के बाद है। उन्होंने कहा कि रेलवे कई ट्रेंनों को रद कर चुकी है।
डी उपाध्याय,नौगछिया
- सर्द मौसम में स्टेशन पर रात गुजारा मानो जंग लड़ने जैसा है। अगर रेलवे ट्रेनों को समय पर चलाए तो यात्री समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगे।
बजरंगी प्रसाद वर्मा, कोडरमा
- रेलवे विकास कार्य के नाम पर ट्रेनों को अचानक रद करने का आदेश जारी कर देती है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे लोगों को होती है तो पहले से आरक्षण करवाए रहते है। अंतिम समय से रद के आदेश के बाद टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है।
ओमप्रकाश तिवारी, वाराणसी
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