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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maiya Samman Yojana: मंईयां सम्मान योजना से इन महिलाओं का कटेगा नाम, 2500 रुपया मिलना हो जाएगा बंद

By Tribhuvan KumarEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Wed, 12 Feb 2025 08:01 AM (GMT+05:30)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा चलाई जा रही मंईयां सम्मान योजना के तहत अब कार्रवाई शुरू हो गई है। ...और पढ़ें

मंईयां सम्मान योजना में नया अपडेट आया सामने (जागरण)
मंईयां सम्मान योजना में नया अपडेट आया सामने (जागरण)

संवाद सहयोगी, तिसरी (गिरिडीह)। Jharkhand News: गिरिडीह मुख्यालय में स्थित सभागार में एलडीएम अमृत कुमार चौधरी के नेतृत्व में बैंक मैनेजर और मंईयां सम्मान योजना के कर्मी की बैठक की गई।

बैठक में प्रखंड में स्थित सभी मैनेजर को संबोधित करते हुए एलडीएम ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के सभी लाभुक का नाम,खाता नंबर, जांच करे। अवैध तरीके से मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

इन महिलाओं का कटेगा नाम

जांच के दौरान जिन लाभुक के खाता में मंईयां सम्मान योजना के साथ विधवा, महिला सम्मान योजना की राशि जा रही है, उसे चिह्नित करें और उनका नाम काटा जाएगा। एक खाता में एक से अधिक मंईया सम्मान योजना की राशि आ रही हो तो उन महिलाओं के खिलाफ भी एक्शन होगा।

18 साल से नीचे की किशोरी की भी होगी पहचान

18 साल से कम उम्र की किशोरी यदि सम्मान योजना का लाभ ले रही है तो उनका खाता नंबर एक्सेल में डाल दे।महिला के स्थान पर पुरुष और नाम में अंतर होने वालों को भी चिह्नित करें। बता दे की तिसरी प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना क लिए 17800 आवेदन प्राप्त हुआ है।

बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

उसमें 15625 लाभुको को मइंया सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। बैठक में एसबीआइ खिजूरी के मैनेजर अनु रंजन कुमार, तिसरी एसबीआइ मैनेजर जयंत कुमार बरनवाल, इंडियन बैंक चंदोरी मैनेजर ए कमल, एमओ राजन कुमार, प्रखंड समन्वयक संतोष वर्मा, आपरेटर मंदीप कुमार, सांडिल, सहित कई कर्मी मौजूद थे।

हेमंत सरकार केंद्र की योजनाओं के प्रति उदासीन : भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर केंद्र की योजनाओं को धरातल में उतारने में उदासीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री केंद्रीय मंत्रियों को मांगपत्र सौंपते हैं, लेकिन पहले से चल रही केंद्रीय योजनाओं का राज्य में बुरा हाल है।

मनरेगा में केंद्र सरकार के हिस्सेदारी के पैसे का यूटिलिटी सर्टिफिकेट राज्य ने नहीं सौंपा। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी केंद्र और राज्य का संयुक्त योगदान होता है। केंद्र ने इस योजना में जो पैसे दिए, उनका राज्य सरकार ने फिर से समय पर यूटिलिटी सर्टिफिकेट नहीं दिया।

इस कारण प्रधानमंत्री आवास योजना में भी झारखंड काफी निचले पायदान पर है l आयुष्मान योजना में केंद्र से अंशदान मिल जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अनेक निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया था।

हर घर में नल से जल योजना का बुरा हाल कर दिया। केंद्र सरकार राज्य को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। राज्य सरकार केंद्र के पैसे का सदुपयोग करें।

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