यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Giridih News: 19 साल के मजदूर से प्यार कर बैठी होटल की मालकिन, लव स्टोरी सुनकर गांव वाले भी रह गए हैरान
Giridih News केरल में होटल मालकिन सजना और मजदूर सरफुद्दीन के बीच प्रेम संबंध बन गए। सजना ने पति और ...और पढ़ें

HighLights
- होटल की मालकिन को मजदूर से हो गया प्यार
- शादीशुदा होटल मालकिन खुद तीन बच्चों की मां है
संवाद सहयोगी, गिरिडीह। Giridih News: कहते हैं कि प्यार कि कोई उम्र होती है न सीमा, प्यार न तो जाति-देखता है और न ही ऊंच-नीच। प्यार किसी को किसी से भी हो सकता है। प्रेम-प्रसंग के अक्सर ऐसे मामले आये दिन आते रहते हैं। जहां अपने छोटी उम्र के पुरुष को बड़ी उम्र की महिला दिल दे बैठती है।
ऐसे कई मामले हैं जिन्हें परिवार, समाज की परवाह किए बगैर एक-दूसरे के साथ जीवन जीना पसंद करता है। ऐसा ही एक मामला केरला और झारखंड से जुड़ी है। यहां एक महिला खुद तीन बच्चों की मां है। जो 19 वर्षीय युवक को पिछले एक साल से दिल देकर बैठी है।
ऐसे शुरू हुई थी लव स्टोरी
यह वाक्या खोरीमहुआ अनुमंडल के अंतर्गत बैरिया के निकट सोना पहाड़ी गांव का है। इस गांव के सरफुद्दीन नामक लड़का अविवाहित है जो केरला के एक होटल में मजदूरी करता था। उसी दौरान होटल की 30 साल की मालकिन से आंखें चार हो गई।
बताया जा रहा है कि होटल मालकिन को मजदूर का व्यवहार पहले बार में पसंद आ गया था जिसके चलते वह उसपर फिदा हो गई थी। सरफुद्दीन मालकिन की हर बात को सुनता था और उसका काम कर देता था।
पति ने बच्चों को पास रख महिला को घर से निकाला
जिसकी भनक महिला के पति को लग गई। जिस कारण घर में काफी विवाद उत्पन्न हो गया था। विवाद के बाद महिला के पति ने अपने तीन बच्चों को साथ में रख कर पत्नी को घर से निकाल दिया। सजना को घर से निकालने के बाद सरफुद्दीन के संपर्क में रहा।
अब प्रेमी के घर पहुंची महिला
सरफुद्दीन ने सजना को अपने घर का पता देकर झारखंड के कोडरमा में ठहरने को कहा था। महिला ने कोडरमा में आकर चार दिनों तक अपने प्रेमी सरफुद्दीन का इंतजार किया। पर बेवफा प्रेमी से कोई संपर्क नहीं हो पाया। फिर महिला एक ऑटो कर सरफुद्दीन के घर बैरिया बुधवार पहुंच गई।
जैसे ही महिला सरफुद्दीन के घर पहुंची तो उसे देख आस-पास के लोग इकट्ठे हो गए। यहां तक कि उसकी भाषा न तो लोग समझते हैं और न ही यहां की भाषा महिला समझ पाती है। महिला केवल मलयालम भाषा समझती है। जिस कारण यहां के लोगों के लिए उसकी बातचीत से परेशानी बना हुआ था।
जब तक सरफुद्दीन नहीं आएगा तब तक मैं नहीं जाऊंगी
सजना अपनी भाषा में बोली कि यहां मैं मम्मी के यहां सेफ्टी हूं। जब तक सरफुद्दीन नहीं आएगा तब तक में उसी के घर पर हीं रहूंगी। बहरहाल सरफुद्दीन परिवार जनों के संपर्क से बाहर बताया जा रहा है।
