Dumka News: भैंस दिलाने के नाम पर ठग लिए 65 हजार, साइबर ठगों ने लगाया शातिर दिमाग; पुलिस भी हैरान
Dumka News झारखंड में जामताड़ा के बाद दुमका में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। इस बार भैंस खरीदने के नाम पर 65 हजार रुपये ठग लिया। साइबर ठग अमीर लोगों के साथ-साथ गरीब लोगों भी चूना लगा रहे हैं। चंद्रदेव यादव ने गुरुवार को हंसडीहा थाना में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर ठगी के इस तरीको को देखकर अन्य किसान भी हैरान हैं।

संवाद सहयोगी, रामगढ़(दुमका)। Dumka News: एक तरफ सरकार साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधी भी लोगों को ठगने के नई नई तरकीब ईजाद कर रहे हैं। साइबर अपराधियों ने भैंस दिलाने के नाम पर छोटी रणबहियार पंचायत के आलुबाड़ा गांव के चंद्रदेव यादव 65 हजार रुपया ठग लिया। चंद्रदेव यादव ने गुरुवार को हंसडीहा थाना में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है।
मोबाइल पर 6268653352 नंबर से फोन आया
चंद्रदेव के अनुसार 10 दिसंबर की सुबह लगभग छह बजे उसके मोबाइल पर 6268653352 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अशोक कुमार शर्मा बताते हुए कहा कि वह गाय-भैंस का व्यापारी है। राजस्थान में उसकी डेयरी है। पूरे भारत में दुधारू गाय-भैंस सप्लाई करता है। इसके बाद उसने वीडियो काल के माध्यम से चंद्रदेव यादव को दुधारू गाय-भैंस दिखाई। एक भैंस चंद्रदेव को पसंद आ गई।
60 हजार रुपये भैंस की कीमत तय हुई। इसके बाद अशोक ने अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं डेयरी फार्म की तस्वीर चंद्रदेव के व्हाट्सएप पर भेज दी और अग्रिम के रूप में 5000 रुपये भेजने को कहा। चंद्रदेव ने फोन पे के माध्यम से 10 दिसंबर को पांच हजार रुपया भेज भी दिया। इसके बाद 11 दिसंबर को फोन पे के माध्यम से 13 हजार, 21500, 17000 एवं 9000 रुपया भेजा।
कभी इंश्योरेंस तो कभी ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर मांगा
सारा पैसा भैंस की कीमत तो कभी इंश्योरेंस तो कभी ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर मांगा। 60 हजार रुपए देने के बाद जब अशोक ने जीएसटी के नाम पर और रुपया मांगा तो चंद्रदेव को इस बात का अहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने गुरुवार को हंसडीहा थाना में शिकायत देकर अपने साथ हुए साइबर ठगी की जानकारी दी।
चंद्रदेव यादव ने पुलिस को आवेदन के साथ उससे बात करने वाले सभी मोबाइल नंबर, फोन पे का ट्रांजैक्शन, कथित मवेशी व्यापारी अशोक कुमार शर्मा द्वारा भेजे गए उसके पैन कार्ड एवं आधार कार्ड की कापी भी पुलिस को दी है।
साइबर फ्रॉड के प्रकार
- फिशिंग: अपराधी पीड़ित को एक नकली ईमेल या मैसेज भेजते हैं, जिसमें उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी या वित्तीय जानकारी देने के लिए कहा जाता है।
- फ्रॉडुलेंट ट्रांजैक्शन: अपराधी पीड़ित के बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके अवैध लेनदेन करते हैं।
- मैलवेयर: अपराधी पीड़ित के कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस में मैलवेयर स्थापित करते हैं, जिससे वे पीड़ित की व्यक्तिगत जानकारी या वित्तीय जानकारी चोरी कर सकते हैं।
- ऑनलाइन स्कैम: अपराधी पीड़ित को ऑनलाइन स्कैम में फंसाते हैं, जैसे कि नकली ऑनलाइन स्टोर या नकली नौकरी के अवसर।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए
- व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें
- अज्ञात स्रोतों से ईमेल या मैसेज का जवाब न दें
- अपने कंप्यूटर और मोबाइल डिवाइस को सुरक्षित रखें
- ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतें
- अपने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड की जानकारी को सुरक्षित रखें
Hemant Soren: विधानसभा में हेमंत सोरेन का दिखा रौद्र रूप; देखते रहे BJP नेता; चुन-चुनकर किए हमले
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।