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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विज्ञापन देखा और करोड़पति बनने के चक्कर में दांव पर लगा दिए पैसे, फिर साइबर अपराधियों ने दे दिया बड़ा झटका

Published: Sun, 16 Feb 2025 10:42 PM (IST)

दुमका में एक व्यक्ति से 11 हजार रुपये की ठगी की गई। पीड़ित ने बताया कि उसे फेसबुक पर एक ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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HighLights

  1. सीबीआइ अधिकारी बनकर धमकाया, नौ महीने की हो जाएगी जेल
  2. पत्नी के गहने व घर के बर्तन गिरवी रख पीड़ित ने जुटाए 9600 रुपये

संवाद सूत्र, दलाही (दुमका)। साइबर अपराधियों ने पुराने सिक्के के बदले 6.80 लाख रुपये की होम डिलीवरी का झांसा देकर उप राजधानी दुमका स्थित आस्ताजोड़ा के कोरबोना पहाड़िया टोला निवासी राजेश पुजहर से 11 हजार रुपये ठग लिए।

ठगी के दौरान अपराधियों ने फर्जी सीबीआइ अधिकारी बनकर राजेश को जेल भेजने की भी धमकी दी तो उसने पत्नी के गहने व घर के बर्तन गिरवी रख 9600 रुपये साइबर अपराधियों के बताए खाते में स्थानांतरित कर दिए।

पीड़ित ने देखा था यह विज्ञापन

  • राजेश के अनुसार, आठ फरवरी को उसने फेसबुक पर भारत के नक्शे वाले पुराने दो रुपये के सिक्के व किसान-ट्रैक्टर छाप वाले पांच रुपये के बदले 6.80 लाख रुपये की होम डिलीवरी का विज्ञापन देखा।
  • विज्ञापन के नीचे ही एक मोबाइल नंबर अंकित था, जिसपर उसने फोन कर उसके पास सिक्के व नोट होने की जानकारी साझा की।
  • इसके जवाब में उससे पंजीकरण के नाम पर ओल्ड क्वाइन शाप, मुंबई के खाते में 1150 रुपये रुपये जमा करने को कहा गया।
  • विश्वास के तौर पर ठगों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और राज ज्ञानी नाम के एक व्यक्ति का पहचान पत्र भी भेजा। इसके बाद राजेश ने संबंधित राशि उसे खाते में डाल दी।
  • इसके बाद उससे कहा गया कि रुपये की गड्डी भरी पेटी मुंबई एयरपोर्ट से देवघर एयरपोर्ट और फिर उनके घर तक सुबह पहुंच जाएगी।

अगले दिन फिर से आया फोन

राजेश ने बताया कि अगले दिन नौ फरवरी की सुबह छह बजे फिर फोन आया और उससे कहा गया कि आयकर विभाग ने देवघर एयरपोर्ट पर सारे रुपये जब्त कर लिए हैं।

आप 10 हजार रुपये जल्द भेजें, नहीं तो पार्सल मुंबई लौट जाएगा। इसके बाद उसने गहने- बर्तन गिरवी रख 9600 रुपये भेज दिए।

रुपये मिलने के बाद उसके पास फिर फोन आया, जिसमें कहा गया कि उसने रुपये भेजने में देर कर दी है, इसलिए विलंब शुल्क के रूप में 11 हजार रुपये जमा करना होगा।

इस पर जब उसने असमर्थता जताई तो विकास कुमार वर्मा नामक एक व्यक्ति ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताते हुए धमकी दी कि इतनी दूर से पार्सल मंगाकर आर्डर रद करने पर पुलिस सीधे उसके घर जाएगी और उसे नौ महीने तक जेल में रहना होगा।

इतना ही नहीं रुपये के लिए दबाव बनाने को लेकर उसने पुलिस की मारपीट करते हुए का वीडियो भी भेज दिया। कहा कि अब तुम्हारा भी यही हाल होगा।

राजेश ने इसके बाद जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी तो उसे बताया गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। बहरहाल, राजेश ने टोल फ्री नंबर पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।

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