धनबाद, जासं। आज 1 दिसंबर को पूरी दुनिया में एड्स दिवस मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत साल 1988 में हुई थी। इस बीमारी का पूरा नाम  'एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम (Acquired immunodeficiency syndrome) है, जो HIV(वायरस) की संक्रमण की वजह से फैलती है। एड्स दिवस को मनाने का मकसद लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाना और इसकी चपेट में आ चुके मरीजों का हौसला अफजाई करना है ताकि वे बहादुरी से इसे मात दे सके।

धनबाद में एड्स के मरीज लगातार आ रहे सामने 

मालूम हो कि देश के अन्‍य हिस्‍सों के साथ-साथ धनबाद में भी एड्स मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। इस वित्‍तीय वर्ष अप्रैल से लेकर अक्‍टूबर महीने तक की बात करें, तो अब तक एड्स के 91 मरीज सामने आ चुके हैं। यानी हर माह औसतन 13 नए मरीजों की पहचान हो रही है। वहीं, पिछले वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में 110 नए मरीजों की पहचान हुई थी।

World Aids Day 2022: जानिए क्या है इस साल वर्ल्ड एड्स डे की थीम

सेंटर पहुंचकर मरीज ले रहे दवा

जिले का आंकड़ा देखें तो यहां एड्स के 839 मरीज हैं। इनमें सबसे ज्‍यादा मरीज धनबाद प्रखंड में है। यहां इनकी संख्‍या 285 है। वहीं, सबसे कम 27 मरीज टुंडी प्रखंड में हैं। दूसरी तरफ जिले में 1,500 से ज्‍यादा मरीज हर माह धनबाद सेंटर पहुंचकर अपनी दवा ले जा रहे हैं। इनमें कुछ मरीज गिरिडीह व बोकारो के भी हैं। धनबाद में एड्स के मरीजों को हर महीने पेंशन के तौर पर एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। 

संक्रमितों के जीवनसाथियों में नहीं है यह बीमारी

इस बीच एक हैरान करने वाली बात यह है कि धनबाद में 35 ऐसी एचआइवी पीड़ित महिलाएं मिली हैं, जिनके पति एचआइवी नेगेटिव मिले हैं। इधर, एचआइवी से संक्रमित 165 पुरुष ऐसे पाए गए हैं, जिनकी पत्नियां जांच के बाद नेगेटिव पाई गई हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद डॉक्‍टर्स भी हैरान हैं।

हालांकि, उनका कहना है कि ऐसा होने के पीछे कई वजहें हैं। दरअसल, एक कारण यह भी हो सकता है कि संक्रमित महिलाओं में अधिकतर कामकाजी हैं, जिनके पति काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, वहीं संक्रमित पुरुष ऐसे हैं, जो बाहर कहीं नौकरी करते हैं और वहीं कहीं से बीमारी के संपर्क में आए हैं।

World AIDS Day 2022: इन कोट्स और स्लोगन के जरिए लोगों में वर्ल्ड एड्स डे पर फैलाएं जागरूकता

Edited By: Arijita Sen

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट