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Jharkhand में नई राजनीतिक पार्टी ने की एंट्री, विधानसभा चुनाव को लेकर ये रणनीति की तैयार

झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयराम महतो ने नई राजनीतिक पार्टी बनाई है और इस पार्टी का नाम झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) होगा। पार्टी की मान्यता के लिए जयराम महतो ने चुनाव आयोग को आवेदन भी दिया है। विधानसभा चुनाव के पूर्व एक और झारखंड नामधारी पार्टी के रूप में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) मैदान में उतरेगी।

By Dileep Kumar Sinha Edited By: Shoyeb Ahmed Published: Wed, 12 Jun 2024 12:14 AM (IST)Updated: Wed, 12 Jun 2024 12:14 AM (IST)
Jharkhand में नई राजनीतिक पार्टी ने की एंट्री (File Photo)

दिलीप सिन्हा, धनबाद। लोकसभा चुनाव में झामुमो एवं आजसू का होश उड़ाने वाले झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयराम महतो ने नई राजनीतिक पार्टी बनाई है। उनकी पार्टी का नाम झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) होगा।

अपनी राजनीतिक पार्टी की मान्यता के लिए जयराम महतो ने चुनाव आयोग को आवेदन दिया है। विधानसभा चुनाव के पूर्व एक और झारखंड नामधारी पार्टी के रूप में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) मैदान में उतरेगी।

50 से ज्यादा प्रत्याशी उतरेंगे चुनाव मैदान में

जयराम अपनी इस राजनीतिक पार्टी से झारखंड विधानसभा चुनाव में 50 से अधिक सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। जयराम अपनी राजनीतिक पार्टी का नाम झारखंड क्रांतिकारी मोर्चा रखना चाहते थे, लेकिन चुनाव आयोग ने इसकी अनुमति नहीं दी।

चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिलने पर जयराम ने पार्टी का नाम झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा रखा है। जयराम महतो ने बताया कि वह और उनके आठ साथी निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़े। इस कारण, राजनीतिक पार्टी की मान्यता में लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन काम नहीं आएगा।

जयराम करेंगे महाअधिवेशन

जयराम ने बताया कि शीघ्र ही वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी का महाधिवेशन करेंगे। धनबाद में जेबीकेएसएस का अधिवेशन हो चुका है। इस कारण वह जेएलकेएम का अधिवेशन धनबाद में नहीं करेंगे। यह अधिवेशन गिरिडीह, बोकारो या हजारीबाग में से किसी एक जगह किया जाएगा।

अपनी टीम के साथ विचार विमर्श कर इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। जयराम ने बताया कि विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी। किसी राजनीतिक पार्टी से तालमेल के सवाल पर कहा कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वह किसी पार्टी से तालमेल कर सकते हैं।

लोस चुनाव में आठ सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी

भाषा आंदोलन के नाम पर महज तीन साल पूर्व राजनीति में उतरे युवा जयराम महतो ने लोकसभा चुनाव में आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। वह खुद गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े। जयराम समेत उनके छह प्रत्याशी इस चुनावी जंग में तीसरे नंबर पर रहे थे।

जयराम ने साढ़े तीन लाख वोट लाकर आजसू प्रत्याशी चंद्रप्रकाश चौधरी एवं झामुमो प्रत्याशी मथुरा प्रसाद महतो के होश उड़ा दिए। डुमरी और गोमिया विधानसभा क्षेत्र में वह बड़ी लीड लेने में सफल रहे जबकि डुमरी में झामुमो की बेबी देवी व गोमिया में आजसू के लंबोदर महतो विधायक हैं।

जयराम के धनबाद के प्रत्याशी एकलाख अंसारी को 79, 653, हजारीबाग के संजय कुमार मेहता को 1,57,977, रांची के देवेंद्रनाथ महतो को 1,32,647, सिंहभूम के दामोदर सिंह हांसदा को 44,292, कोडरमा के मनोज कुमार को 28,612 वोट मिले।

दुमका एवं चतरा लोकसभा सीट में जयराम को विशेष सफलता नहीं मिली। दुमका से उनकी प्रत्याशी बेबीलता टुडू को 19,360 एवं चतरा से उनके प्रत्याशी दीपक कुमार को 12,565 वोट मिले। इन आठों लोकसभा क्षेत्रों में कुल मिलाकर जयराम एवं उनकी टीम को 8.2 लाख से अधिक वोट मिले।

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