Jharkhand News: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सहमे झारखंड के छात्र, जम्मू- श्रीनगर से वापस लौट रहे अपने राज्य
जम्मू-कश्मीर में तनाव के कारण झारखंड के छात्र दहशत में हैं और वापस लौट रहे हैं। श्रीनगर के निफ्ट से लगभग 200 छात्र और शिक्षक झारखंड वापस आ गए हैं। ड्रोन हमलों और पाकिस्तान की हरकतों के कारण छात्रों में डर का माहौल है जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। झारखंड के छात्र चाहते हैं कि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

रविशंकर सिंह, धनबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी से जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्र भी भय व दहशत में हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा होने के बाद जम्मू-कश्मीर के शैक्षणिक संस्थानों में कक्षाएं सस्पेंड हैं।
जम्मू-कश्मीर से लौट रहे छात्र
धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर से भारी संख्या में छात्र अपने-अपने राज्यों को लौट रहे हैं। इनमें से काफी संख्या में बिहार व झारखंड के छात्र भी शामिल हैं। शनिवार की सुबह श्रीनगर के राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) से करीब 200 की संख्या में स्टूडेंटस व अध्यापकों का दल अपने राज्य के लिए लौट गया।
इसमें झारखंड, बिहार समेत अन्य राज्यों से जुड़े छात्र व शिक्षक हैं। दैनिक जागरण ने निफ्ट श्रीनगर के छात्रों व अध्यापकों के अनुभव पूछा तो उनका दर्द पाकिस्तान की नापाक हरकतों को साफ बयां कर रहा था।
निफ्ट श्रीनगर के अलावा सेंट्रल यूनिवसिर्टी ऑफ जम्मू से भी झारखंड के कई छात्र अपने राज्य लौटने लगे हैं। उधर, जम्मू-कश्मीर में प्रशासन की ओर से छात्रों को लौटने में भरपूर मदद करने के साथ ही सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।
निफ्ट परिसर खाली
निफ्ट परिसर के बगल में ड्रोन अटैक से कई छात्र सहम गए हैं। परिसर के बाहर पाकिस्तान की ओर से कई बार ड्रोन हमले हो चुके हैं। चूंकि श्रीनगर एयरपोर्ट से निफ्ट परिसर महज 20 किमी की दूरी पर है, इसलिए संस्थान संवेदनशील जगह पर है।
संस्थान के एक छात्र ने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े दस बजे परिसर के पास ड्रोन अटैक हुआ। इसके बाद शनिवार सुबह पांच बजे प्रशासन ने सबको परिसर से बाहर आने का अलर्ट किया।
इसी बीच सुबह के पांच से छह बजे के बीच परिसर के बाहर में धमाकों की आवाज भी सुनी गई। जिला प्रशासन की मदद से निफ्ट के करीब 200 छात्रों व फैकल्टी मेंबर को बसों व ट्रेनों के जरिए भेजने की कवायद हुई। छात्र रामबन से बडगाम व संगलदान से अपने अपने राज्यों को लौटने के लिए निकल पड़े।
छात्रों ने बताई पूरी कहानी
निफ्ट में पढाई कर रही झारखंड के रांची की छात्रा उर्वि ने बताया कि परिसर में भय व दहशत के कारण पढ़ाई पूरी तरह बाधित रही। ऊपर से ड्रोन अटैक व पाकिस्तान की नापाक हरकतों से छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर में पढ़ाई कर रही देवघर की पूजा सिंह ने बताया कि उसके अलावा सैकड़ों छात्र संस्थान को छोड़ अपने अपने राज्यों में लौट आए हैं। अब उनकी चिंता है कि कब से पढ़ाई सामान्य होगी। इस तरह की चिंता सभी छात्रों की है।
जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे रतन कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह वे जैसे-तैसे दिल्ली लौटे हैं। रेलवे स्टेशन पर लौट रहे छात्रों समेत अन्य लोगों की भीड़ है। रतन का कहना है कि उनके घरवाले चिंतित हैं। सरकार और भारतीय सेना पाकिस्तान का ऐसा इलाज करे कि आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाए।
निफ्ट के फैकल्टी प्रो शशि कुमार ने बताया कि काफी संख्या में बिहार, झारखंड, बंगाल व ओडिशा समेत अन्य राज्यों के छात्र शनिवार को परिसर छोड़कर लौट गए हैं।
बमबारी से भीतर तक समाया डर, देश खातिर अडिग हैं छात्र
निफ्ट श्रीनगर में पढ़ रहे झारखंड दुमका के निखिल कुमार भीतर से डरे हैं। परिसर के बाहर ड्रोन अटैक से इनके मन में डर जरूर है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ इनके हौसले बुलंद है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू, निफ्ट श्रीनगर और एनआईटी श्रीनगर में पढ़ रहे झारखंड के छात्रों ने बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ जंग में उनकी पढ़ाई बाधित हुई है, लेकिन देश की रक्षा व देशहित सर्वोपरि है, इसलिए वे कुछ भी सहने को तैयार हैं।
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