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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Teacher News: ट्रेनिंग में लापरवाही पड़ी 1279 शिक्षकों को भारी, शिक्षा विभाग ने जारी किया शोकाज नोटिस

Published: Sun, 20 Apr 2025 10:16 AM (GMT+05:30)

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के 1279 शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षण पूर्ण नहीं करने पर शोकाज किया गया है जिनमें धनबाद के ...और पढ़ें

आनलाइन प्रशिक्षण पूर्ण नहीं करने वाले 1279 शिक्षकों को शोकाज
आनलाइन प्रशिक्षण पूर्ण नहीं करने वाले 1279 शिक्षकों को शोकाज

HighLights

  1. शिक्षा विभाग ने 1279 शिक्षकों से निर्धारित अवधि तक मांगा जवाब
  2. धनबाद के 140, गिरिडीह के 516 व बोकारो के 91 शिक्षक शामिल

जागरण संवाददाता, धनबाद। ऑनलाइन प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने वाले उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सभी जिलों के 1279 शिक्षकों को शोकाज नोटिस जारी किया गया है। इनमें धनबाद के 140 शिक्षक भी शामिल हैं। कक्षा एक से आठ में कार्यरत सभी शिक्षकों को 24 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण गुरुजी एप के माध्यम से लेना था।

अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी नहीं लिया प्रशिक्षण

शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने के लिए विभागीय स्तर से अतिरिक्त 10 दिनों का समय दिया गया था। बावजूद इसके 1279 शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया या कोर्स पूरा नहीं किया। इसके बाद इन शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए शोकाज नोटिस जारी किया गया है।

इन जिलों के शिक्षकों से मांगा गया जवाब

इसमें गिरिडीह जिले के 516 शिक्षक, धनबाद के 140 और बोकारो जिले के 91 शिक्षक शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों को तय समय के अंदर ट्रेनिंग पूरी नहीं करने की वजह बताते हुए जवाब देना होगा। ऐसा नहीं करने पर शिक्षकों पर एक्शन हो सकता है।

5 मई तक पत्र देकर मांगा जाएगा जवाब

झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रांची के निदेशक शशि रंजन ने जिलों को निर्देशित किया है कि जिन शिक्षकों ने ऑनलाइन कोर्स में हिस्सा नहीं लिया या कोर्स पूरा नहीं किया, उन्हें पांच मई तक शोकाज से संबंधित पत्र देकर जवाब मांगा जाए।

इन शिक्षकों को रखा जाएगा अलग

राज्य कार्यालय को 20 मई तक इससे अवगत कराया जाना है। सेवानिवृत्त, निलंबित, लंबे अवकाश व अन्य मामले वाले शिक्षकों को स्पष्टीकरण से अलग रखना है। राज्य के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी कर निर्धारित अवधि तक जवाब मांगा गया है।

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