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श्रीनगर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकी आसिफ को मार गिराया है। लश्कर का आतंकी आसिफ हाल ही में सोपोर में एक फल व्यापारी के परिवार के तीन सदस्यों को गोली मारने और घायल होने के लिए जिम्मेदार था। घायलों में एक युवा लड़की अस्मा जान भी शामिल थी। 

आसिफ को मार गिराने के बाद पुलिस ने आतंकी अबु हैदर समेत उसके तीन अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चला रखा है। फिलहाल, मुठभेड़ के बाद पैदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने सोपोर व उसके साथ सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।आसिफ मकबूल करीब तीन माह पहले ही लश्कर का जिहादी बना था। उसने ही बीते सप्ताह सोपोर में एक बाहरी श्रमिक शफीक सफी आलम पर अबु हैदर व अन्य आतंकियों संग मिलकर हमला किया था।

पिछले एक महीने से सक्रिया था आतंकी 

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि लश्कर का आतंकी आसिफ ने सोपोर में बहुत आतंक फैला रखा था। आसिफ पिछले एक महीने से बहुत ज्यादा सक्रिय था। वह लोगों को दुकान नहीं खोलने और दूसरे कामों को न करने की धमकी देता था। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि आज [बुधवार] सुबह नौ बजे के करीब नूरबाग से कुछ ही दूरी पर अहदब क्रासिंग के पास नाका पार्टी ने संदिग्ध युवकों को आते देखा। नाका पार्टी ने उन्हें चेतावनी देते हुए सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन वे रूके नहीं और पुलिस पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले में 2 जवान घायल हो गए। दोनों खतरे से बाहर हैं।

 


हिरासत में लिए गए आठ आतंकियों से मिले अहम सुराग

वहीं एसएसपी सोपोर जावेद इकबाल ने बताया कि सोमवार को पकड़े के गए लश्कर के आठ सदस्यीय माडयूल ने हमें कुछ अहम सुराग उपलब्ध कराए हैं। उन सुरागों के आधार पर ही हमने सज्जाद मीर उर्फ अबु हैदर व उसके अन्य साथियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चला रखा है। हैदर व उसके साथियों को पकड़ने केलिए हमने अपना ग्राऊंड नेटवर्क भी पूरी तरह सक्रिय किया। आज तड़के हमें पता चला कि हैदर के विश्वस्तों में शामिल आसिफ मकबूल नूरबाग इलाके में है और वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए निकलने वाला है। आसिफ बीते कुछ दिनों से सोपोर में आम लोगों को धमकाने व उन्हें निशाना बनाने की विभिन्न वारदातों में हैदर के साथ शामिल था।

उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकी का शव आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। हैदर व अन्य आतंकियों को पकड़ने के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। आसिफ के मारे जाने से सोपोर और उसके साथ सटे इलाकों में सक्रिय लश्कर को बड़ा धक्का लगा है। आसिफ और उसके साथ ही सोपोर फ्रूट मंडी में काम करने वालों, सोपोर में रहने वाले बाहरी लोगों को निशाना बनाने के अलावा धमकी भरे पोस्टर जारी कर रहे थे। आसिफ की मौत से आम लोगों को बहुत राहत मिली है।

अनुच्छेद-370 हटने के बाद आतंकियों के खिलाफ की जा रही बड़ी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद आतंकियों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को सुबह आतंकी के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया। इस दौरान लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी आसिफ को ढेर कर दिया गया। 

गौरतलब है कि आसिफ की पिछले कई दिनों से तलाश की जा रही थी। बता दें कि आसिफ ने हीं बीते दिनों सोपोर में एक घर पर आतंकवादी हमले किए थे जिसमें एक बच्ची सहित परिवार के चार सदस्य घायल हो गए थे। जानकारी के अनुसार, सोपोर में दो व्यक्ति धमकी देने के लिए एक प्रमुख फल व्यापारी हमीदुल्ला राथेर के घर गए थे और उन्हें घर में नहीं पा कर आतंकवादियों ने उनकी ढाई साल की पोती असमा जान सहित अन्य परिजन पर गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा आसिफ ने सोपोर में ही एक मजदूर शफी आलम को भी गोली मार दी थी।

लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकी गिरफ्तार 

जानकारी हो कि कल पुलिस ने आतंकियों के आठ साथियों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि इनका संबंध भी लश्कर-ए-तैयबा से था। कल [मंगलवार] को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोपोर में आतंकवादियों के आठ साथियों को गिरफ्तार किया था। ये लोग इलाके में पोस्टर छापकर आम लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने बताया कि सभी आतंकी दुकानदारों और आम लोगों में दहशत पैदा करने का काम कर रहे थे।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा

कश्मीर के डीजीपी ने कहा था, पाक के आंतकवादी संगठन खासकर के लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन लोगों के ऊपर दबाव बना रहे हैं कि वह अपने दैनिक कार्यों को न करें। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया था कि यह सुनिश्चित किया गया है कि लोग जब अपनी दुकान खोलना चाहें तब वह खोल सकते हैं। उन्होंने बताया था कि सोपोर में तीन जैश-ए-मोहम्मद के सहयोगियों के बरे में खबर मिली थी जो पोस्टर जारी करके लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे।

एसएसपी जावेद इकबाल ने कहा

देर शाम सोपोर के एसएसपी जावेद इकबाल ने बताया था कि लश्कर ए तैयबा के टेरर मॉड्यूल को पकड़ने में कामयाबी मिली है। उन्होंने बताया था कि 8 लोगों को पकड़ा  है, जिनमें से अधिकांश का संबंध बराटकलां गाव, जबकि एक का डांगरपुरा गांव से संबंध है। जावेद इकबाल ने बताया कि आतंकियों और टेरर मॉड्यूल का मकसद लोगों को डराना होता है। जिन लोगों में पोस्टर का कोई खौफ नहीं है, उन्हें गोली-बंदूक से डराने का प्रयास करते हैं।

जानकारी अनुसार यह पता चला है कि आठ आतंकवादी सहयोगी एजाज मीर, उमर मीर, तौसीफ नाजर, इम्तियाज नाजर, उमर अकबर, फैज लतीफ, दानिश हबीब और शोकातत अहमद मीर अपराध में शामिल थे।

वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि एक अभियान के दौरान अगस्त के महीने में सेना ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक को पकड़ लिया गया। जहां तक आतंकवादियों का सवाल है, मई महीने में सबसे ज्यादा आतंकी मारे गए। सिर्फ मई महीने में, सेना ने 27 आतंकवादियों को मार गिराया था, जो कि 2019 में किसी भी महीने के मुकाबले ज्यादा है। जम्मू एवं कश्मीर में इस महीने में सबसे अधिक आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं हैं।

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Posted By: Preeti jha

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