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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहलगाम हमला! लश्कर-ए-तैयबा की साजिश, जम्मू-कश्मीर में ना'पाक आतंकियों ने कब-कब पर्यटकों को बनाया निशाना

Published: Tue, 22 Apr 2025 09:07 PM (IST)Updated: Tue, 22 Apr 2025 09:33 PM (IST)

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अब तक 27 पर्यटकों की जान जा चुकी है और दो दर्जन ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में ढाई दशक में अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर में ढाई दशक में अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला

पीटीआई, श्रीनगर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अबतक 27 पर्यटकों की जान जा चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में पर्यटक और स्थानीय दोनों शामिल हैं। पिछले ढाई दशक में यह कश्मीर में पर्यटकों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

हमले के बाद फरार हुए आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बल ने भी बड़ा अभियान छेड़ दिया है। कश्मीर में यह हमला उस समय हुआ, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत दौरे पर आए हैं।

साल 2000 से अब तक जम्मू-कश्मीर में आतंकी कई बार पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीयों को अपना निशाना बना चुके हैं।

2000 से 2025 तक हुए आतंकी हमलों पर एक नजर

21 मार्च, 2000 में सिख समुदाय पर हमला

आतंकवादियों ने 21 मार्च की रात को अनंतनाग जिले के छत्तीसिंहपोरा गांव में अल्पसंख्यक सिख समुदाय को निशाना बनाया, जिसमें 36 लोग मारे गए।

अगस्त 2000 में अमरनाथ यात्रियों को बनाया निशाना

नुन्वान बेस कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो दर्जन अमरनाथ तीर्थयात्रियों सहित 32 लोग मारे गए।

जुलाई 2001 में 13 लोग मारे गए

अनंतनाग के शेषनाग बेस कैंप पर हुए इस आतंकी हमले में अमरनाथ यात्रियों को फिर से निशाना बनाया गया, जिसमें 13 लोग मारे गए।

1 अक्टूबर, 2001 में 36 लोगों ने जान गवाई

श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल परिसर पर आत्मघाती (फिदायीन) आतंकी हमला हुआ, जिसमें 36 लोग मारे गए।

2002 में अमरनाथ यात्रियों  पर हमला

चंदनवारी बेस कैंप पर आतंकी हमला हुआ और 11 अमरनाथ यात्री मारे गए।

23 नवंबर, 2002 नौ सुरक्षाकर्मियों सहित महिलाओं को बनाया निशाना

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दक्षिण कश्मीर के लोअर मुंडा में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में नौ सुरक्षा बल कर्मियों, तीन महिलाओं और दो बच्चों सहित उन्नीस लोगों की जान चली गई।

23 मार्च, 2003 में कश्मीरी पंडितों पर हमला

आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के नंदीमार्ग गांव में 11 महिलाओं और दो बच्चों सहित कम से कम 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी।

13 जून, 2005 सरकारी स्कूल के सामने विस्फोट

पुलवामा में एक सरकारी स्कूल के सामने भीड़भाड़ वाले बाजार में विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट होने से दो स्कूली बच्चों और तीन सीआरपीएफ अधिकारियों सहित तेरह नागरिक मारे गए और 100 से अधिक लोग घायल हो गए।

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12 जून, 2006 में श्रमिकों को बनाया निशाना

कुलगाम में नौ नेपाली और बिहारी मजदूर मारे गए।

10 जुलाई 2017 श्रद्धालुओं की बस पर हमला 

कुलगाम में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला, 8 की मौत हो गई थी।

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