'यह सामान्य तबादला नहीं, घोटाले की जांच...', ACB अधिकारियों के ट्रांसफर पर महबूबा मुफ्ती ने उमर सरकार पर साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर में एसीबी से तीन एसएसपी रैंक के अधिकारियों का अचानक तबादला भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि यह तबादले श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड में हुए घोटाले की जांच को रोकने के लिए किए गए हैं। इस घोटाले में कई बड़े लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (SSP) रैंक के तीन अधिकारियों की सेवाएं वापस गृह विभाग को सौंपे जाने को लेकर भ्रष्टाचार को मिटाने की प्रदेश सरकार की संकल्पबद्धता पर सवाल पैदा कर रही है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि यह तबादले सामान्य नहीं हैं। श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना में हुए घोटाले की जांच को रोकने के लिए ही यह तबादले हुए हैं।
घोटाले में कई बड़े लोगों के शामिल होने का दावा
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एसीबी में तैनात एसएसपी रैंक के तीन अधिकारियों को वापस गृह विभाग भेज दिया। इनमें एसएसपी अब्दुल वाहिद शाह, मोहम्मद रशीद और राकेश कुमार शामिल हैं।
एसएसपी अब्दुल वहीद शाह ने गत सप्ताह ही श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना में श्रीनगर को सुंदर बनाने के काम में हुए एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है।
उन्होंने इस सिलसिले में दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है और जांच के दायरे में कई अन्य लाेग आ रहे हैं। इस घोटाले में कई बड़े लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
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'सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठता है'
पीडीपी की अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अब्दुल वाहिद शाह और उनके साथियों को अचानक एसीबी से हटाकर वापस उनकी सेवाएं गृह विभाग को सौंपा जाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय अधिकारियों के समक्ष खतरों की पुष्टि करता है। यह तबादले भ्रष्ट और सर्वशक्तिशाली व प्रभावशाली वर्ग के बीच सांठ-गांठ को उजागर करते हैं।
एक बड़े घोटाले को उजागर करने वाले को दंडित किया जाना, भ्रष्टाचार की जांच की आड़ में कश्मीरियों की संपत्तियों पर छापेमारी करने के लिए एसीबी सहित विभिन्न एजेंसियों का उपयोग करने के पीछे सरकार की असली मंशा का पता चलता है। यह सरकार की न्याय और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है।
इसको लेकर उन्होंने उमर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उमर सरकार ने जानबूझकर यह किया है। जांच में कई लोगों के नाम आ रहे थे।
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