राजौरी में रहस्यमयी बीमारी ने मचाई दहशत! अबतक 16 लोगों की मौत; सीएम उमर ने जल्द से जल्द जांच के दिए आदेश
जम्मू-कश्मीर के रजौरी (Rajouri mysterious disease) के एक गांव में रहस्यमयी बीमारी के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में जल्द से जल्द जांच कराने के लिए कहा है। प्रभावित परिवारों के रिश्तेदारों को सरकारी आवास में रखा गया है। अभी तक बड़े-बड़े संस्थान भी बीमारी को नहीं पकड़ पाए हैं। सभी जगह के पानी खाद्य पदार्थ आदि भी जांचे गए हैं।

पीटीआई, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रजौरी के बुढ्ढल गांव में रहस्यमयी तरीके से हुई 16 लोगों मौत पर बात करने के लिए बैठक बुलाई। उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य प्रशासन को निर्देश दिए कि मौत के कारण का पता लगाए।
अब्दुल्ला ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार की प्राथमिकता है कि इसके मुख्य कारण का पता लगाया जाए और लोग सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग को एक-दूसरे के सहयोग से इस पर काम करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन इस मसले को प्राथमिकता दे रहा है जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
प्रभावित इलाकों में घर-घर कराए गए सर्वे
इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सकीना ईटू और मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद रहे। डुल्लू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की कुछ टीमों ने प्रभावित इलाके में घर-घर जाकर सर्वे किए हैं। वहां के खाद्य उत्पादों, पानी और अन्य चीजों की जांच भी की गई है। उन्होंने बताया कि जांच में सारी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि ICMR, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, नेशनल सेंटर फॉर डिसीस, CSIR, DRDO, and PGIMER-Chandigarh कंट्रोल मौत क कारण पता लगाने में विफल हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम 40 दिन से सक्रिय
उधर, इस मामले में कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी जानकारी दी और कहा कि जिन घरों में मौत हुई है वो लोग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं। इस घटना के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग उस इलाके में 40 दिनों से सक्रिय है, जहां पर यह मौतें हुई हैं।
हालांकि, प्रशासन पहली मौत होने के बाद ही सक्रिय हो गया था। इमरजेंसी की स्थिति में मदद करने के लिए एंबुलेंस,जरूरी सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।
पीड़ित परिवारों के घर सील
समाचार एजेंसी पीटीआई ने कुछ पीड़ितों से बातचीत की। इनमें एक नाम जट्टी बेगम का है। जिनकी उम्र 60 साल है। जट्टी के पति की तीन दिन पहले मौत हुई थी।
प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के तीन घरों को सील कर दिया है। यहां के डिप्टी कमिश्नर दिल मीर ने सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगा दी है। साथ ही बुढल के पुलिस सुपरीटेंडेंट वजाहत हुसैन की अध्यक्षता में एक स्पेशल जांच टीम का गठन किया गया है। प्रभावित परिवारों के नजदीकी रिश्तेदारों को सरकारी आवास में रखा गया है।
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