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    आखिर क्या है यह बला? जम्मू-कश्मीर में रहस्यमयी बीमारी ने ली एक और जान, अब तक 14 लोगों की मौत

    Updated: Tue, 14 Jan 2025 10:00 PM (IST)

    Jammu Kashmir News जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक रहस्यमयी बीमारी ने एक और जान ले ली है। इस बीमारी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को मुहम्मद असलम की छह वर्षीय बेटी सफीना कौसर ने जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार इस बीमारी के अचानक फैलने से लोगों में निराशा की लहर दौड़ गई है।

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    जम्मू-कश्मीर में अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है (जागरण फोटो)

    जागरण संवाददाता, राजौरी। Jammu Kashmir News: गांव बडाल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक रहस्यमय बीमारी ने एक और जान ले ली है, जिससे इस क्षेत्र में मौतों की संख्या में इजाफा हुआ है।

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    मंगलवार को मुहम्मद असलम की छह वर्षीय बेटी सफीना कौसर ने जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में अज्ञात बीमारी के कारण दम तोड़ दिया। सफीना उन छह बच्चों में शामिल थी जो शुक्रवार देर रात गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। दुखद बात यह है कि इनमें से चार बच्चों की मौत 48 घंटे के भीतर हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

    राजौरी जीएमसी में चल रहा था इलाज

    सोमवार देर शाम को मुहम्मद असलम के मामा की भी इसी तरह की बीमारी के कारण मौत हो गई। उनका इलाज जीएमसी राजौरी में चल रहा था। इन मौतों के साथ बडाल गांव में रहस्यमय बीमारी से मरने वालों की संख्या 14 हो गई है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों और स्थानीय निवासियों में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

    ग्रामीणों के अनुसार इस बीमारी के अचानक फैलने से लोगों में निराशा की लहर दौड़ गई है। लक्षणों में कथित तौर पर गंभीर बुखार और सांस लेने में तकलीफ शामिल है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है। बडाल में परिवार अब डर में जी रहे हैं, उन्हें नहीं पता कि आगे क्या हो सकता है।

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    जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम

    स्थिति की जांच के लिए मेडिकल टीमों को इलाके में भेजा गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि दूषित पानी या भोजन संभावित स्रोत हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वह कारण की पहचान करने और प्रसार को रोकने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।

    इस बीच गांव के माता-पिता एहतियात के तौर पर अपने बच्चों को घर के अंदर रख रहे हैं और सामूहिक समारोहों से बच रहे हैं। कुछ लोगों ने अधिकारियों पर संकट का जवाब देने में धीमी गति का आरोप लगाया है, लेकिन अन्य लोग बडाल जैसे दूरदराज के इलाकों में त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप प्रदान करने की चुनौतियों को स्वीकार करते हैं।

    इस गांव में सामने आई त्रासदी अचानक प्रकोप का सामना करने पर ग्रामीण लोगों के सामने आने वाली कमजोरियों की याद दिलाती है।

    स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य अधिकारी निवासियों से स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह कर रहे हैं। अभी तक बीमारी की सही प्रकृति एक रहस्य बनी हुई है।

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