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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्रीनगर पीसीआर पहुंची एनआईए की टीम, शुरू की पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड के मुठभेड़ में मारे जाने की जांच

Published: Tue, 29 Jul 2025 02:51 PM (IST)

श्रीनगर के हरवन में डाचीगाम के जंगलों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए पहलगाम आतंकी हमले के कथित ...और पढ़ें

एनआईए की टीम में शामिल अधिकारियों ने गवाहों से पूछताछ की, मुठभेड़ स्थल से जब्त हथियारों की जांच भी की।
एनआईए की टीम में शामिल अधिकारियों ने गवाहों से पूछताछ की, मुठभेड़ स्थल से जब्त हथियारों की जांच भी की।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। श्रीनगर के पास हरवन में डाचीगाम के जंगलों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और उसके दो साथियों के मारे जाने की जांच के लिए एनआईए के अधिकारियों की टीम मंगलवार को श्रीनगर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए जानकारी दी कि एनआईए की यह टीम मंगलवार तड़के पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पहुंच गई थी।

आपको बता दें कि सेना के विशिष्ट पैरा कमांडो ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोमवार को यहां डाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हरवान इलाके के मुलनार में एक मुठभेड़ में 22 अप्रैल के हमले के कथित मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ आसिफ और उसके दो साथियों को मार गिराया।

पहलगाम हमले के अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल का संकेत मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के सफाए के लिए यह अभियान चलाया जिसका कोड नाम 'ऑपरेशन महादेव' रखा गया।

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कार्रवाई में मारे गए अन्य आतंकवादियों की पहचान जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर पिछले साल सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल थे।

पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद सशस्त्र बलों ने 7 मई को पाकिस्तान में आतंकी ढांचे के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। मारे गए आतंकवादियों के शव सोमवार देर रात मुठभेड़ स्थल से पीसीआर में लाए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम में शामिल अधिकारियों ने दो-तीन समूहों में बंटकर गवाहों से पूछताछ की ताकि "यह सुनिश्चित किया जा सके कि मारे गए आतंकवादियों में सुलेमान शाह भी शामिल है।"

इस बीच खुफिया जानकारी मिलने के बाद भी इलाके में आतंकवादियों के एक और समूह की मौजूदगी का पता चलने पर अभियान जारी है। जिब्रान कथित तौर पर पिछले साल अक्टूबर में गगनगीर में सोनमर्ग सुरंग परियोजना पर हुए आतंकी हमले में शामिल था। इस हमले में एक डॉक्टर समेत सात लोग मारे गए थे।

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वहीं सोमवार की मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने जो एक एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके राइफल और अन्य हथियार जब्त किए हैं, एनआईए की टीम ने उनकी जांच भी की।