Jammu Kashmir: सीमा पार से घुसपैठ की ताक में बैठे आतंकी, जवानों ने नापाक मंसूबों को रोकने के लिए किए विशेष इंतजाम
कठुआ Jammu Kashmir News में सर्दी के मौसम में घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पुलिस बीएसएफ सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने संवेदनशील रास्तों नदी-नालों और खड्डों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों का लगातार दौरा कर सुरक्षा ग्रिड की समीक्षा कर रहे हैं।
राकेश शर्मा, कठुआ। सर्दी बढ़ते ही सीमा पार लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों के दल घुसपैठ करने की ताक में मंडरा रहे हैं। इधर उनके नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए पुलिस, बीएसएफ, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है।
घुसपैठ के हर प्रयास को विफल करने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जरूरी निर्देश भी दिए हैं। खास कर सीमावती क्षेत्रों और पहाड़ी क्षेत्रों में उन संवेदनशील रास्तों, नदी-नालों और खड्डों पर डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने मातहत पुलिस अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिया है, जहां से घुसपैठ करने और संदिग्धों की आवाजाही की संभावना रहती है।
आए दिन नजर आ रहे संदिग्ध
सर्दी के चुनौतीपूर्ण मौसम को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारी ने जिले के पहाड़ी क्षेत्र में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियां बढ़ने की आशंका से निपटने के लिए जरूरी उपायों को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों का लगातार दौरा कर सुरक्षा ग्रिड की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ संदिग्ध दिखने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
बता दें कि हर वर्ष दिसंबर और जनवरी में ठंड और घने कोहरे में रात को आम लोगों की आवाजाही कम हो जाती है। इसके चलते कोहरे की आड़ सीमा पार से घुसपैठिये घुसपैठ करने का मौका ढूंढने लगते हैं। इसी संभावना को देखते हुए कठुआ जिला, जो इस मामले में इस वर्ष से फिर संवेदनशील बना हुआ है, इसमें इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस के उच्चाधिकारी तीन दिन से दौरा लगाकर सुरक्षा बलों के साथ बैठकें कर सीमा से लेकर पहाड़ों तक संभावित घुसपैठ वाले मार्गों पर सुरक्षा ग्रिड मजबूत बनाने की योजना पर काम ही कर रहे हैं।
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हीरानगर में दिखे संदिग्ध
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उच्चाधिकारियों को ऐसी गतिविधियां शुरू होने के संकेत खुफिया एजेंसियों से मिलने शुरू हो चुके हैं। लॉन्चिंग पैड पर घुपैठिए घुसपैठ करने को तैयार हैं। इसे देखते हुए जम्मू जोन के एडीजीपी आनंद जैन ने पांच दिसंबर को आतंकी गतिविधियों के मामले में संवेदनशील बने बिलावर, बनी के पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया और वहां पर इस मौसम में सुरक्षा ग्रिड मजबूत करने के लिए बैठकें की।
हालांकि, उनका दौरा वहां सुरक्षा बलों की तैनाती मजबूती बनाने के लिए ढांचागत सुविधाओं में किए जा रहे बढ़ावा के मद्देनजर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बन रही संयुक्त इमारतों के कामकाज की समीक्षा करना रहा, लेकिन इसी बहाने उन्होंने वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए जिला पुलिस के अधिकारियों से विशेष चर्चा भी की।
उसके एक दिन बाद डीआईजी-सांबा कठुआ रेंज शिव कुमार ने भी बिलावर का सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष रूप से दौरा किया और उन्होंने घुसपैठ की संभावित मार्गों उज्ज सहित अन्य नालों पर सुबह तड़के के समय गश्त नाके बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के बीच ही दूसरे दिन ही हीरानगर जैसे संवदेनशील क्षेत्र में तीन-चार संदिग्ध दिखाई दिए।
अधिकारियों ने किए सुरक्षा के सख्त उपाय
इससे उच्चाधिकारियों को खुफिया इनपुट मिलने की पुष्टि हो रही है। लगातार एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने कठुआ जिला का दौरा कर सुरक्षा बढ़ाने के लिए सख्त उपायों पर चर्चा और बैठकें स्थानीय जिला अधिकारियों से शुरू कर रखी हैं।
बता दें कि जिला कठुआ के साथ हीरानगर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जो घुसपैठ के मामले में शुरू से ही संवेदनशील रही है, कुछ वर्ष पहले जहां सुरंगे बनाने और उसके बाद ड्रोन गतिविधियां शुरू कर सीमा पार से दुश्मन हथियार आदि भी भेजने चुका है।
अभी बीच-बीच में संदिग्ध ड्रोन दिखते हैं। इसके साथ जिला के साथ लगती पंजाब की बमियाल सेक्टर जो भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगता है। पिछले कुछ दिनों से जम्मू संभाग के पहाड़ी क्षेत्र आतंकियों के निशाने पर रहे हैं। वहां पर आए दिन ड्रोन सहित अन्य संदिग्ध दिखने के बाद तलाशी अभियान सुरक्षा बल चलाते दिखते हैं।
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