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    जम्मू कश्मीर हज समिति का इसी माह समाप्त होने जा रहा कार्यकाल, सभी सदस्यों को बदलने पर हो रहा विचार

    Updated: Sat, 12 Jul 2025 01:05 PM (IST)

    जम्मू कश्मीर हज समिति के अध्यक्ष पद पर जल्द ही नियुक्ति होगी क्योंकि मौजूदा समिति का कार्यकाल 19 जुलाई 2025 को पूरा हो रहा है। सफीना बेग के इस्तीफे के बाद से यह पद खाली है। नई समिति में सात सदस्य होंगे जिनमें सांसद विधायक और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपराज्यपाल को समिति नियुक्त करने का अधिकार है।

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    अधिसूचना जारी होने के 45 दिनों के भीतर हज समिति की पहली बैठक बुलाई जाएगी।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में बीते तीन माह से अधिकारिक रूप से रिक्त पड़े प्रदेश हज समिति के अध्यक्ष पद पर जल्द ही किसी योग्य व्यक्ति की नियुक्ति होगी। सिर्फ अध्यक्ष ही नहीं समिति के अन्य सदस्य भी बदल जाएंगे, क्योंकि मौजूदा हज समिति का कार्यकाल 19 जुलाई 2025 को पूराे हो जाएगा। मौजूदा हज समिति का गठन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 20 जुलाई 2022 को किया था।

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    2022 में गठित सात सदस्यीय समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी (तत्कालीन सांसद), डीडीसी बारामुला की अध्यक्ष सफीना बेग, पूर्व सांसद तालिब हुसैन चौधरी, मोहम्मद रफीक चश्ती, मौलवी मोहम्मद अशरफ और सैयद मोहम्मद रफीक शामिल हैं। मसूदी का सांसद कार्यकाल पूरा होने के बाद सांसद मियां अल्ताफ अहमद को समिति में शामिल किया गया।

    यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि हज समिति की तत्कालीन अध्यक्ष सफीना बेग ने गत वर्ष 25 अगस्त 2024 को हज समिति के अध्यक्ष पद से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया था।

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    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजे गए अपने त्यागपत्र में उन्होंने जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए कहा कि वह हज समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों का निर्वाह करने में असमर्थ हैं, इसलिए उनका त्यागपत्र मूंजर किया जाए।

    अलबत्ता, उनका त्यागपत्र इसी वर्ष अप्रैल में स्वीकार किया गया और इसे उसी दिन से प्रभावी माना गया जिस दिन सफीना बेग ने इसे भेजा था। हज समिति के नियमों के अनुसार, नई समिति में सात सदस्य होंगे- जिसमें एक वर्तमान सांसद, दो विधानसभा सदस्य (विधायक) और स्थानीय निकायों का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

    दो अन्य सदस्य जो इस्लामिक विद्वान होंगे या समाज कल्याण व नागरिक प्रशासन में अहम भूमिका निभाने वाले गणमान्य नागरिक होंगे, सदस्य नामित किए जा सकते हैं।

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    इसके अलावा हज समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी समिति के सदस्य के स्प में शामिल रहते हें।उपराज्यपाल, जो केंद्र शासित प्रदेश के संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत प्रशासक के रूप में कार्य करते हैं, समिति की नियुक्ति का अधिकार रखते हैं।

    सदस्यों के नामांकन की अधिसूचना जारी होने के बाद, नवगठित समिति की पहली बैठक 45 दिनों के भीतर बुलाई जानी चाहिए ताकि उसके सदस्यों में से एक अध्यक्ष का चुनाव किया जा सके। आपको बता दें कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हज समितियां वार्षिक हज यात्रा को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।