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    नए तकनीकी उपकरणों से नहीं बच पाएंगे घुसपैठी! घनी धुंध में भी मार गिराएंगे जवान; देखते ही गोली मारने का आदेश

    Updated: Mon, 30 Dec 2024 10:53 AM (IST)

    सर्दियों में घनी धुंध के बावजूद सीमा प्रहरी दुश्मनों को मार गिराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। विंटर मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी के तहत अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है। अंधेरे और धुंध में देखने के लिए उन्नत सेंसर हाई डेफिनेशन कैमरे थर्मल इमेजर और हाई रेंज नाइट विजन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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    अब सुरक्षाबल और आधुनिक उपकरणों की नजर से बच नहीं पाएंगे आतंकी (फाइल फोटो)

    विवेक सिंह, जम्मू। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अक्सर सर्दियों में धुंध की आड़ में आतंकी घुसपैठ का षड्यंत्र रचते हैं, लेकिन विंटर मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी (सर्द प्रबंधन रणनीति) प्रभावी होने से आतंकी अब सुरक्षाबल और आधुनिक उपकरणों की नजर से बच नहीं पाएंगे। यह रणनीति घुसपैठ करने वाले आतंकियों पर कड़े प्रहार के लिए बनाई है। सीमा पर जवानों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोहरे की आड़ में सीमा के पास आने वाले दुश्मन को गोली मार दी जाए।

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    धुंध में घुसपैठ करते हैं आतंकी

    नियंत्रण रेखा पर भारी हिमपात के बाद आतंकी जम्मू में धुंध से घिरे मैदानी इलाकों में घुसपैठ की कोशिश करते हैं। धुंध में किसी को देखना संभव नहीं होता। सुरंग खोद कर घुसपैठ करने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में सीमा की सुरक्षा ऑडिट के बाद सुरक्षा की कमियां दूर करने के साथ फेंसिंग के हर हिस्से पर अतिरिक्त नाके लगाए हैं।

    सर्दियों की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना, बीएसएफ व पुलिस बेहतर समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। एंटी ड्रोन तकनीक के साथ कई आधुनिक उपकरण शामिल कर तकनीकी सर्विलांस को बेहतर बनाया है।

    सभी बटालियनें अपने-अपने स्तर पर एंटी टनल अभियान चला रही हैं। जम्मू में 202 किमी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इसमें से 192 किमी सीमा सुरक्षा बल व अखनूर में 10 किलोमीटर सेना के पास है।

    जवानों की मारक क्षमता बढ़ाते हैं उपकरण

    कोहरे के कारण दूर तक देखना संभव नहीं होता है। अनुभवी सीमा प्रहरियों की मारक क्षमता बढ़ाने में आधुनिक उपकरण काम आते हैं। विंटर मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी विंटर मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी के तहत अतिरिक्त नाके लगाने के साथ अंधेरे और धुंध में देखने के लिए उन्नत तकनीकी सर्वेलांस की मदद ली जाती है।

    अंधेरे देखने में सक्षम आधुनिक सेंसर, हाई डेफिनेशन कैमरे, आधुनिक थर्मल इमेजर, हाई रेंज नाइट विजन कैमरों को निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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    सुरक्षा ग्रिड में आधुनिक उपकरण शामिल किए जा रहे: आईजी

    बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के महानिरीक्षक (आइजी) डीके बूरा का कहना है कि सर्दियों की चुनौतियों को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा ग्रिड पुख्ता है। घुसपैठ, ड्रोन की चुनौती का सामना करने के लिए हर संभव प्रबंध है। बल के बेड़े में आधुनिक उपकरण शामिल कर तकनीकी सर्वेलांस का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि हम इस समय अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम से ड्रोन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सीमा प्रहरी किसी भी कीमत पर दुश्मन को कामयाब नही होने देंगे।

    संवेदनशील इलाकों में घुसपैठ रोधीतंत्र स्थापित किया

    सीमा के कुछ संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर विशेष घुसपैठ रोधीतंत्र स्थापित किया है। कुछ नई अस्थायी चौकियां स्थापित करने के साथ ऐसे आधुनिक सेंसर व थर्मल इमेजर लगाए हैं जो अत्साधिक ठंड में भी कारगर हैं।

    यह सीमा सुरक्षा बल की विंटर मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इस साल सुरक्षा ग्रिड को और पुख्ता बनाने के लिए जम्मू में 192 किलोमीटर सीमा की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की दो अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती की हैं।

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