विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेडिकल कालेजों में नॉन गजेटेड पदों में नियुक्ति के लिए बने नियम, हितधारकों के लिए जारी की अधिसूचना, मांगी आपत्तियां

Published: Thu, 14 Aug 2025 12:32 PM (IST)Updated: Thu, 14 Aug 2025 01:02 PM (IST)

जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती के नियमों का मसौदा तैयार है। कॉलेज की स्थापना ...और पढ़ें

कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त होने की उम्मीद है।
कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त होने की उम्मीद है।

रोहित जंडियाल, जागरण, जम्मू। राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में दशकों बाद गैर राजपत्रित (नॉन गजेटेड) पदों में भर्ती के लिए नियम बनकर लगभग तैयार हो गए हैं। इन नियमों को एआरआई विभाग को भेजने से पहले स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हितधारकों के लिए अधिसूचित किया है ताकि कोई भी आपत्ति होने पर वह विभाग के आगे अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।

राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में गैर राजपत्रित पदों की संख्या 4813 है। लेकिन कालेज की स्थापना के 52 वर्ष बाद भी इन पदों को भरने के लिए कोई विशेष रूप से भर्ती नियम नहीं बनाए गए हैं। इस कारण नए मेडिकल कालेजों में भी गैर राजपत्रित पदों को भरने के लिए कोई नियम नहीं बन पाए। समय-समय पर भर्ती नियम बनाने के लिए मांग हाेती रही लेकिन कोई भी कदम नहीं उठाया गया।

यह भी पढ़ें- 'पहलगाम हमले को कैसे भूल जाएं', जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग पर और क्या बोले CJI?

भर्ती नियम बनाने के लिए किया गया है समिति का गठन

अब कुछ समय से कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया था। राजकीय मेडिकल कालेज कठुआ के कर्मचारियों ने बकायदा तौर पर धरना प्रदर्शन भी किया और नियम न बनाने के लिए विभाग को आड़े हाथ लिया। कठुआ के कर्मचारियों को जीएमसी जम्मू सहित सभी कर्मचारियों का समर्थन मिला। हालांकि इस प्रदर्शन से पहले ही जीएमसी जम्मू में भर्ती नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन हो गया था।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डा. सैयद आबिद रशीद का कहना है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 10 जनवरी 2018 को आदेश नंबर 34-एचएमई के तहत राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में गैर राजपत्रित पदों को भरने के तरीकों को अधिसूचित किया था।

हालांकि समय-समय पर इन पदों को भरने के लिए कई संशोधन भी किए गए।

नियमों को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी का पुनर्गठन

सरकार ने एक जनवरी को इस वर्ष फिर से नियमों को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी का पुनर्गठन किया था। इस कमेटी ने कई बैठकें कर नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। सचिव का कहना है कि अब इन पदों को स्टैंडिंग कमेटी और एआरआइ विभाग को भेजने से पहले इन्हें अधिसूचित कर आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके लिए पंद्रह दिनों का समय दिया गया है। इन दिनों के भीतर अगर कोई आपत्ति आती है तो इस पर गौर किया जाएगा और इसके बाद ही इन्हें एआरआई विभाग को भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त से पहले सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, कुपवाड़ा से आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार

इन पदों के लिए सीधी भर्ती, पदोन्नति से कितने प्रतिशत पदों की भर्ती, हर पद के लिए योग्यता तय की गई है। इन पदों में चतुर्थ श्रेणी के पदों से लेकर सेक्शन अधिकारी तक के पद शामिल हैं। इससे अब कर्मचारियों का आंदोलन भी समाप्त होने की उम्मीद है।