यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त से पहले सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, कुपवाड़ा से आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार
Jammu Kashmir News जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त से पहले सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता। कुपवाड़ा के वजहामा हंदवाड़ा में आतंकियों ...और पढ़ें

HighLights
- आतंकियों के तीन मददगारों की हुई पहचान
- आतंकियों के साथियों से हथियार भी मिले हैं
जागरण संवाददाता, जम्मू।15 अगस्त से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा के वजहामा हंदवाड़ा में आतंकियों के तीन मददगारों को गिरफ्तार किया है।
आतंकियों की पहचान मोहम्मद इकबाल पंडित पुत्र शरीफदीन पंडित निवासी बोनपोरा लंगेट, सज्जाद अहमद शाह पुत्र बशीर अहमद शाह निवासी चकपरीन और अशफाक अहमद मलिक पुत्र शब्बीर अहमद मलिक निवासी करालगुंड के रूप में हुई है। उनके पास से एक पिस्टल, पिस्टल के दो कारतूस एके 47राइफल के 20 कारतूस और 20 पोस्टर मिले हैं।
उड़ी में घुसपैठ की कोशिश नाकाम
इससे पहले बुधवार को उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस बीच गोलीबारी में भारतीय सेना के एक जवान भी शहीद हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उरी के चुरुंडा इलाके में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। हालांकि, गोलीबारी के दौरान सेना का एक जवान शहीद हो गया।
पाकिस्तान को सौंपा रेंजर्स का शव
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि एक पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव बुधवार को पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया गया। इस घुसपैठिए को बीएसएफ ने चेतावनी को नज़रअंदाज करके अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके भारत में घुसने की कोशिश करने पर मार गिराया था।
उन्होंने बताया कि कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करने और आक्रामक तरीके से सीमा बाड़ के पास पहुँचने पर दो दिन पहले बीएसएफ ने घुसपैठिए पर गोली चलाई थी।
बाद में एम्स जम्मू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
