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    J&K News: जम्मू में NIA की बड़ी कार्रवाई, घुसपैठ से जुड़े मामले में 10 जगहों पर हुई छापामारी

    Updated: Wed, 19 Mar 2025 07:52 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के भटिंडी में घुसपैठ से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह जम्मू में 10 जगहों पर छापामारी की हुई। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में बारामुला के सांसद अब्दुल रशीद शेख की याचिका का विरोध करते हुए जवाब दाखिल किया है। उन्होंने याचिका को खारिज करन के लिए कहा है क्योंकि वह सुनवाई योग्य नहीं है।

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    एनआईए ने जम्मू में 10 जगहों पर की छापेमारी

    एएनआई, जम्मू। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) घुसपैठ से संबंधित मामलों की चल रही जांच के तहत जम्मू में 10 स्थानों पर छापामारी कर रही है।

    इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में बारामुला के सांसद अब्दुल रशीद शेख की याचिका का विरोध करते हुए जवाब दाखिल किया है। एनआईए ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि याचिका को खारिज कर दिया जाए क्योंकि यह सुनवाई योग्य नहीं है।

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    इंजीनियर रशीद के नाम से मशहूर सांसद अब्दुल रशीद शेख ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत या अंतरिम कस्टडी पैरोल की मांग की है। याचिका पर वीरवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी।

    एनआईए ने 12 मार्च को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा पारित आदेश के अनुसरण में एक एफिडेविट दायर किया था।

    इसमें कहा गया है कि अपीलकर्ता आरोपी अब्दुल रशीद शेख की एनआईए अधिनियम, 2008 की धारा 21 के तहत वर्तमान अपील, जिसमें 11 मार्च से 4 अप्रैल तक लोकसभा के चौथे शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत या वैकल्पिक हिरासत पैरोल की मांग की गई है को खारिज कर दिया जाए क्योंकि यह सुनवाई योग्य नहीं है और गुण-दोष के आधार पर खारिज किए जाने योग्य भी है।

    हिरासत में नहीं ले सकता संसदीय कार्यवाही में भाग

    एनआईए ने यह भी कहा है कि अपीलकर्ता का मात्र सांसद होने का दर्जा उसे न्यायिक हिरासत में रहने के प्रभाव से छूट का दावा करने का अधिकार नहीं देता है। एजेंसी ने कहा कि कानून में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब तक विधायक/सांसद कानूनी रूप से हिरासत में हैं, उन्हें सदन के सत्र में भाग लेने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।

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    इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अपीलकर्ता संसद में अपनी उपस्थिति का उपयोग कारावास की कठोरता से बचने के लिए कर रहा है क्योंकि वह जमानत प्राप्त करने में असफल रहा है। एजेंसी ने कहा है कि अपीलकर्ता बारामूला से प्रभावशाली सांसद है। यह आशंका है कि क्योंकि कई गवाह जम्मू-कश्मीर से हैं, इसलिए अपीलकर्ता उन्हें प्रभावित कर सकता है।

    12 मार्च को जारी किया था नोटिस

    दिल्ली हाई कोर्ट ने 12 मार्च को बारामूला के सांसद अब्दुल रशीद शेख की याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया। अदालत ने एनआईए से यह भी कहा कि अगर याचिका पर कोई आपत्ति है तो वह एफिडेविट दायर करे।

    विशेष एनआईए कोर्ट ने हिरासत में पैरोल के लिए उनकी पिछली याचिका को खारिज कर दिया। वह एक आतंकी मामले में आरोपी है। इंजीनियर रशीद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि वह संसद के चल रहे सत्र में भाग लेने की अनुमति मांग रहे हैं। वरिष्ठ वकील ने कहा कि उन्हें फरवरी 2025 में संसद में उपस्थित होने के लिए दो दिन की कस्टडी पैरोल भी दी गई थी।

    कोर्ट ने पूछा कि संसद सत्र कब चल रहा है? वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यह 4 अप्रैल तक है। एनआईए के एसपीपी अक्षय मलिक ने याचिका का विरोध किया और कहा कि पहले का आदेश उस स्थिति में पारित किया गया था जब कोई निर्दिष्ट अदालत नहीं थी। इसलिए, केवल दो दिन की कस्टडी पैरोल दी गई थी।

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