सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, आरोपी ने खुद को बताया था सेना का अधिकारी; पुलिस ने कुर्क की संपत्ति
जम्मू पुलिस ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपित हरप्रीत सिंह की दो करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। आरोपित ने बेरोजगार युवाओं को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज डीआरडीओ और मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा था। पुलिस ने बीएनएस के तहत यह कार्रवाई की है।
जागरण संवाददाता, जम्मू। सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपित के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू पुलिस ने छन्नी बीजा स्थित उसकी दो करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति जब्त कर ली। अब इस संपत्ति को बेचकर पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा।
आरोपित हरप्रीत सिंह खुद को सेवानिवृत्ति लेफ्टिनेंट बताता था। वह बेरोजगार युवाओं को अपने चंगुल में फंसाकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज, डीआरडीओ और मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करता था।
खुद को सेना का पूर्व अधिकारी बताता था आरोपित
एसपी (ग्रामीण) बृजेश शर्मा ने बताया कि गत छह नवंबर को नगरोटा के कंडोली इलाके के रहने वाले अर्जुन अरुण शर्मा ने नगरोटा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि हरप्रीत सिंह नाम के एक व्यक्ति ने उसे और कई युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा है। वह जम्मू जिले के ही दीवानों पलावाला, खौड़ का रहने वाला है। वह खुद को सेना का पूर्व अधिकारी बताता है।
नौकरी दिलवाने के नाम लिए थे लाखों रुपये
पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपित ने अरुण शर्मा के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये लिए थे। आरोपित ने लोगों से ठगी की धनराशि सीधे अपने बैंक खाते में और नकद राशि ली थी।
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपित के बैंक खाते की जांच की। शिकायतकर्ताओं और आरोपित के बीच ईमेल से हुई बातचीत और मामले से जुड़े दस्तावेजों के अलावा शिकायतकर्ताओं व गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
आरोपित की संपत्ति सीज
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बैंक खातों से पता चला कि उसने करीब 2.40 करोड़ रुपये लोगों से ठगी के तौर पर एकत्रित किए हैं। उसने ठगे गए रुपयों से जम्मू के छन्नी बीजा में आठ मरले में बना बंगला खरीदा है। इसकी कीमत 2.22 करोड़ रुपये है।
यह संपत्ति उसने अपनी मां परमजीत कौर और बेटी कमलजीत कौर के नाम पर खरीदी है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जम्मू की कोर्ट से आरोपित की संपत्ति को सीज करने का आदेश हासिल किया।
इसके बाद सोमवार को बाहू के तहसीलदार की मौजूदगी में संपत्ति को सीज कर लिया गया। मामले की जांच अधिकारी एसएचओ नगरोटा परवेज सज्जाद है।
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बीएनएस के तहत पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को बीते वर्ष लागू किया था। इसमें यह प्रविधान है कि धोखाधड़ी के मामले में आरोपित ने ठगी के रुपयों से जो संपत्ति अर्जित की है, उसको बेचकर एकत्रित होने वाली धनराशि को मामले के पीड़ितों को दी जाए।
बीएनएस के तहत जम्मू में यह पहला मामला है, जिसमें पुलिस ने इस प्रकार की कार्रवाई की है। अब सीज की गई संपत्ति को बेचकर उसे अर्जित होने वाली धनराशि को पीड़ित लोगों को लौटाया जाएगा।
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