Assembly Budget Session: विधानसभा में टकराएंगे सियासी एजेंडे, इन मुद्दों पर गर्माएगा बजट सत्र; उमर सरकार भी तैयार
Jammu Kashmir Assembly Budget Session जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र आज से (3 मार्च) शुरू हो रहा है। इस सत्र के दौरान भाजपा पीडीपी और नेकां के बीच तनातनी देखने को मिल सकती है। सरकार ने भी विधानसभा के बजट सत्र को कामयाब बनाने की पूरी तैयारी की है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में आखिरी बार साल 2018 में बजट पेश किया गया था।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू कश्मीर में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र (Jammu Kashmir Assembly Budget Session) में राजनीतिक एजेंडे सदन की कार्यवाही को खूब गर्माएंगे। कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा सत्र जम्मू में सुबह 10 बजे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण के साथ शुरू होगा।
सत्र में निजी विधेयकों पर खूब तनातनी देखने को मिल सकती है। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के अलावा पीडीपी के तेवर भी आक्रामक रहेंगे। भाजपा सत्तासीन नेकां से चुनावी वादे पूरे करवाने के लिए विधानसभा में घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जवाब में नेकां भी भाजपा को शासन संबंधी मुद्दों और राज्य दर्जे पर घेरेगी।
नेकां-कांग्रेस ने बैठक कर बनाई रणनीति
रविवार को नेकां व कांग्रेस ने अलग-अलग और उसके बाद एक साथ बैठक कर सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए रणनीति बनाई। जम्मू में 40 दिन का बजट सत्र 11 अप्रैल तक चलेगा। इसमें 22 दिन काम होगा। जम्मू कश्मीर का बजट सात मार्च को पेश होगा। सत्र का पहला चरण तीन से 25 मार्च तक का होगा।
दूसरा चरण सात से 11 अप्रैल तक चलेगा। दोनों चरणों के बीच में छह सार्वजनिक अवकाश हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 28 विधायक हैं। नेकां विधायकों की संख्या 41 सीटें हैं। कांग्रेस के छह, पांच निर्दलीय विधायक सरकार को समर्थन दे रहे हैं। माकपा विधायक तारीगामी भी सरकार के साथ हैं।
विधानसभा में गूंज सकते हैं ये मुद्दे
शराबबंदी, अनुच्छेद 370, विशेष दर्जे की बहाली, सरकारी जमीन पर कब्जाधारकों को मकान बनाने के लिए जमीन का मालिकाना अधिकार जैसे मुद्दे गूंज सकते हैं। सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र को कामयाब बनाने की पूरी तैयारी की है।
सीएम उमर अब्दुल्ला विधायकों की उम्मीदें जानने के लिए बैठकें कर चुके हैं। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर सत्र को कामयाब बनाने के लिए सहयोग मांगा है। स्पीकर ने विधानसभा कांप्लेक्स का दौरा कर सत्र की तैयारी को अंतिम रूप दिया।
सदन के कामकाज पर हावी हो सकती है खींचतान
विधानसभा में भाजपा जम्मू के मुद्दों को तूले देगी तो तीन विधायकों वाली पीडीपी कश्मीर केंद्रित मुद्दे उठाने के साथ नेकां से राजनीतिक खीज निकाल सकती है। पार्टी खुलकर सरकार की नीतियों का निशाना बना रही है।
समर्थन देने के बाद भी सत्ता से बाहर बैठी छह विधायकों वाली कांग्रेस राज्य के दर्जे पर भाजपा को घेरेगी। कुल मिलाकर बजट सत्र पर राजनीतिक दलों की खींचतान सदन के कामकाज पर हावी हो सकती है।
पार्टी बजट सत्र में राष्ट्र-विरोधी या असंवैधानिक एजेंडे को स्वीकार नही करेगी। ऐसा चाहे किसी विधेयक, संकल्प, प्रश्न, स्थगन नोटिस, शून्य काल या किसी अन्य बहस के रूप में क्यों न हो।
सुनील शर्मा, नेता प्रतिविपक्ष व भाजपा विधायक
अध्यक्ष के पैनल के नामों की घोषणा करेंगे स्पीकर
बजट सत्र विधानसभा कांप्लेक्स के सेंट्रल हाल में सुबह 10 बजे उपराज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इसके आधे घंटे के बाद विधानसभा के स्पीकर अब्दुल रहीम राथर विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण की कापी सदन के पटल पर रखेंगे।
स्पीकर अध्यक्ष के पैनल के नामों की घोषणा करेंगे। इसके बाद दिवंगत नेताओं को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, पूर्व मंत्री सैयद गुलाम हुसैन जिलानी, भाजपा के पूर्व विधायक चौधरी प्यारा सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
वर्ष 2018 में पेश किया गया था अंतिम बार बजट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अंतिम बार बजट वर्ष 2018 में प्रस्तुत किया गया था, उस समय जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था। पांच अगस्त 2019 को पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर व लद्दाख में पुनर्गठित हुआ। गत वर्ष अक्टूबर में विधानसभा का गठन हुआ। विधानसभा का पहला सत्र गत नवंबर में हुआ था।
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