जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री, पुरुषों को देना होगा 7% अधिक किराया; पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़े
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir Free Bus) में महिलाओं के लिए आज निशुल्क बस सेवा शुरू हो रही है लेकिन क्या यह आम आदमी की जेब पर बोझ साबित होगी? पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ निजी बस मालिक भी किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। जानिए जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir News) में हुए इस बदलाव का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir Free Bus) में आज यानी पहली अप्रैल से बहुत कुछ बदलने जा रहा है। मंगलवार सुबह जब ‘श्रीमती जी’ और ‘श्रीमान’ घर से अपने-अपने काम के लिए निकलेंगे तो श्रीमती परिवहन निगम की बसों व ई-बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी, जबकि श्रीमान को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
पुरुषों को देना होगा 7 प्रतिशत अधिक किराया
वहीं, जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir News) में पुरुषों को ई-बसों में सात प्रतिशत अधिक किराया देना होगा। यदि वह अपने वाहन पर भी जाते हैं तब भी महंगे पेट्रोल-डीजल से उनकी जेब कटेगी। सरकार ने पेट्रोल दो रुपये प्रति लीटर और डीजल एक रुपया प्रति लीटर महंगा कर दिया है।
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यानी श्रीमती जी की जो महीने की बचत होगी, वह श्रीमान की जेब से निकल जाएगी। कहने का अर्थ यह है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से वापस भी ले लिया है।
मुफ्त की रेवड़ी की मार आम आदमी के जेब पर पड़ेगी
वहीं, पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद निजी बस मालिकों ने भी डीजल बसों में किराया 40 प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर मुफ्त की रेवड़ी की मार आम आदमी की जेब पर ही पड़ने जा रही है।
उमर सरकार ने बजट में महिलाओं को जम्मू-कश्मीर परिवहन निगम की बसों, ई-बसों में मुफ्त यात्रा करने का एलान किया था, जो एक अप्रैल से लागू होने जा रहा है। पड़ोसी राज्य पंजाब में भी ऐसी ही व्यवस्था है। इससे महिलाओं को लाभ तो होगा, लेकिन पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने से आम व्यक्ति पर ही बोझ बढ़ेगा।
निजी बस मालिकों ने 40% किराया बढ़ाने का बनाया दबाव
निजी बस मालिकों ने कहा कि डीजल के दाम में बढ़ोतरी का असर ट्रांसपोर्टर पर पड़ेगा। ऑल जम्मू एंड कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विजय सिंह चिब ने कहा कि मजबूरन इसकी भरपाई किराए में बढ़ोतरी से ही करनी पड़ेगी।
हमने सरकार को किराए में 30 से 40 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। सरकार अगर हमारा प्रस्ताव मानेगी तो ठीक, वरना हमें कोई और विकल्प सोचना पड़ेगा।
अब नहीं देनी पड़ेगी तीन से सात प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी
एक अप्रैल से खून के रिश्तों (ब्लड रिलेशन) में उपहार के माध्यम से संपत्ति के हस्तांतरण पर अब स्टांप डयूटी नहीं देनी पड़ेगी। वित्त विभाग इसके लिए अधिसूचना जारी कर चुका है। यह फैसला भी मंगलवार को लागू होने जा रहा है। इन रिश्तों में माता-पिता, भाई, बहन, पुत्र, पुत्री, दादा, दादी, पोता-पोती शामिल हैं। संपत्ति हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट में से दो प्रमाणपत्र लाने होंगे।
यही नहीं, संबंधित तहसीलदार से रिश्ते का प्रमाणपत्र भी लाना होगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सात अप्रैल को बजट भाषण में कहा था कि लेन-देन को आसान बनाने और संपत्ति हस्तांतरण पर कानूनी विवादों को कम करने के लिए खून के रिश्तों के बीच उपहार लेनदेन के लिए स्टांप ड्यूटी नहीं होगी। वर्तमान में ऐसे लेन-देन के लिए स्टांप ड्यूटी तीन प्रतिशत से सात प्रतिशत तक है।
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