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    जम्मू-कश्मीर में आज से बढ़ जाएंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, फ्री बस सेवा के साथ आम आदमी को महंगाई का झटका

    Updated: Tue, 01 Apr 2025 06:00 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा (Jammu Kashmir Free Bus Service) आज से शुरू हो रही है लेकिन इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल (Jammu Kashmir Petrol Diesel Price Hike) के दाम भी बढ़ने जा रहे हैं। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा। ईवी बसों का किराया भी बढ़ रहा है। सरकार ने महिलाओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।

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    जम्मू-कश्मीर में आज से बढ़ जाएंगे पेट्रोल डीजल के दाम (जागरण ग्राफिक्स)

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। Jammu Kashmir Free Bus Service: जम्मू कश्मीर में मुफ्त की रेवड़ी की मार आम आदमी की जेब पर पड़ने जा रही है। एक अप्रैल मंगलवार से महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू होने जा रही है। पेट्रोल दो रुपये व डीजल (Jammu kashmir Petrol Diesel Price Hike) भी एक रुपये महंगा हो जाएगा। ईवी बसों का किराया भी महंगा हो रहा है।

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    डीजल बसों में किराया बढ़ाने के लिए बस चालक सरकार पर दबाव बना रहे हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि जम्मू कश्मीर में मुफ्त की रेवड़ियां बांटने से आम जनता पर इसका बोझ बढ़ने जा रहा है।

    मंगलवार से नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत में प्रदेश में महिलाओं को बस में निशुल्क यात्रा उपलब्ध हो जाएगी तो इसके साथ ही पेट्रोल व डीजल के दाम भी बढ़ जाएंगे।

    एक अप्रैल से फ्री बस सेवा

    उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में गठबंधन सरकार ने अपने बजट में महिलाओं को जम्मू कश्मीर परिवहन निगम की बसों, ई-बसों में मुफ्त यात्रा करने का ऐलान किया था जो एक अप्रैल से लागू होने जा रहा है।

    जिस तरह से पंजाब में महिलाओं का वहां की सरकारी बसों में किराया नहीं लगता है. इसी तरह से जम्मू कश्मीर में यह प्रक्रिया लागू हो जाएगी। हालांकि, इससे महिलाओं को फायदा होगा लेकिन पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोतरी करने से आम व्यक्ति पर बोझ बढ़ेगा।

    पेट्रोल प्रति दो रुपये व डीजल प्रति लीटर एक रुपया महंगा होने जा रहा है। पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम व्यक्ति पर इसका असर होगा वहीं डीजल के दाम बढ़ने से यात्री किराए में बढ़ोतरी होगी तो इससे लोगों की जेब ढीली होगी। कहने का मतलब यह है कि सरकार ने एक हाथ से दिया तो दूसरे हाथ से लिया।

    'बढ़ना चाहिए मिनी बसों का किराया'

    प्राइवेट ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से यात्री किराए में बढ़ोतरी होगी। यूनियन का मानना है कि मिनी बसों व बसों का किराया बढ़ाया जाना चाहिए।

    फैसले पर अमल होने के साथ यूनियन अपनी मांगों को प्रमुखता से उजागर करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ाएगी। वहीं ई-बसों का किराया सात प्रतिशत बढ़ने जा रहा है। अगर एक तरफ ई-बसों में महिलाएं मुफ्त में सफर करेगी तो वहां पर ही बैठे पुरुषों को सात प्रतिशत अधिक किराया देना होगा।

    खून के रिश्तों में उपहार के माध्यम से संपत्ति के हस्तांतरण पर अब जम्मू-कश्मीर में स्टांप डयूटी नहीं देनी पड़ेगी। वित्त विभाग इसके लिए अधिसूचना जारी कर चुका है। यह फैसला भी मंगलवार को लागू होने जा रहा है।

    आज से यह नियम भी लागू

    एक अप्रैल के बाद खून के रिश्तों में स्टांप डयूटी नहीं होगी। इन रिश्तों में माता-पिता, भाई, बहन, पुत्र, पुत्री, दादा, दादी, पौता- पौती शामिल हैं। संपत्ति हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट में से दो प्रमाणपत्र लाने होंगे। यही नहीं संबंधित तहसीलदार से रिश्ते का प्रमाणपत्र भी लाना होगा।

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सात अप्रैल को बजट भाषण में घोषणा करते हुए कहा था कि लेन-देन को आसान बनाने और संपत्ति हस्तांतरण पर कानूनी विवादों को कम करने के लिए खून के रिश्तों के बीच उपहार लेन-देन के लिए स्टांप ड्यूटी नहीं होगी। वर्तमान में ऐसे लेन-देन के लिए स्टांप ड्यूटी 3 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक है।

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    मुफ्त की सवारी से महिलाएं खुश

    यात्री बसों में मुफ्त सफर से महिलाएं खुश हैं। भले ही पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा लेकिन महिलाएं सरकार के फैसले से खुश हैं। महिलाएं को ज्यादा खुशी इस बात की है कि वे अपने संगे संबंधियों, रिश्तेदारों के पास आसानी से आ जा पाएगी।

    इसके साथ में इसे महिला सशक्तीकरण के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को इसका अधिक फायदा होने जा रहा है। कई महिला कर्मियों की डयूटी अपने घरों से बीस से पचास किलोमीटर दूर तो कइयों की पचास से सत्तर किलोमीटर दूर भी है।

    आम तौर पर बसों में सवारियों के मामले में महिलाओं की संख्या तीस से चालीस प्रतिशत होती है। जसपाल कौर का कहना कि सरकार का यह फैसला सराहनीय है। यह सही मायनों में जमीनी सतह पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। किराया माफ करने पर सरकार पर कोई खास बोझ नहीं होगा।

    महिला मानसी का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं के हित को लेकर पहली बार फैसला लिया गया है। हम इसकी सराहना करते है। इससे गरीब व कमजोर वर्ग की महिलाओं को फायदा होगा।

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