जम्मू कश्मीर में बाढ़ के बाद अब पैकेज पर होने लगी सियासत, खुद को पीड़ितों का सबसे बड़ा हमदर्द बताने की लगी होड़
जम्मू कश्मीर में बाढ़ के बाद राहत पैकेज को लेकर राजनीतिक दलों में होड़ मची है। नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी समेत कई दल केंद्र सरकार से 2014 की बाढ़ से भी बड़ा पैकेज देने की मांग कर रहे हैं ताकि पीड़ितों को महंगाई के अनुसार मुआवजा मिल सके। गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले सभी पार्टियां खुद को पीड़ितों का हमदर्द बता रही हैं।

राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर की राजनीति अब बाढ़ में सरोबार होती नजर आ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे से पूर्व सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस और उसकी धुर विरोधी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दल खुद को पीड़ितों का सबसे बड़ा हमदर्द बताने की होड़ में अब राहत पैकेज की सियासत करने लगे हैं।
सभी केंद्र सरकार से विशेष पैकेज का आग्रह करते हुए कह रहे हैं कि पैकेज वर्ष 2014 की बाढ़ के बाद घोषित राहत पैकेज से बड़ा हो और लाभार्थियों को मौजूदा महंगाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए।
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में विशेषकर जम्मू प्रांत में पहली अगस्त के बाद विभिन्न इलाकों में बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में जानमाल का व्यापक नुक्सान हुआ है। इन घटनाओं में 120 नागरिक मारे जा चुके हैं औ 150 से ज्यादा घायल हुए हैं। 150 छोटे बड़े पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई पेयजल परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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बिजली ढांचा और सड़क नेटवर्क क्षतिग्रस्त हुआ है। सैंकड़ो कनाल कृषि भूमि को नुक्सान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लाेग बेघर हुए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह परिस्थितियों के अनुकूल रहने पर रविवार को जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लेंगे।
मोदी जम्मू प्रांत के लिए दें बड़ा राहत पैकेज: उपमुख्यमंत्री
सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि वर्ष 2014 में विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2015 में श्रीनगर में जब जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार थी, बाढ़ राहत के नाम पर 80 हजार करोड़ रूपये का पैकेज दिया था। अब उन्हें जम्मू प्रांत में बाढ़ के नुक्सान को देखते हुए उससे भी बड़ा पैकेज देना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी नेताओं को चाहिए कि वह केंद्र सरकार पर इसके लिए दबाव बनाएं, केंद्र में उनकी सरकार है और आज जम्मू कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है, जहां केंद्र व केंद्रीय गृहमंत्रालय ही मुख्य मामलों पर अतिम निर्णय लेते हैं। भाजपा नेताओं को अब जम्मू के लोगों को उचित मुअावजा दिलाने में हमारा सहयोग करना चाहिए, लेकिन यह कुछ नहीं बोलेंगे। जब हम केंद्र से कुछ प्राप्त करेंगे तो कहेंगे कि भाजपा ने किया है।
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राहत पैकेज में जम्मू प्रांत का रखें विशेष ध्यान: महबूबा
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र सरकार को तुरंत एक विशेष राहत पैकेज का एलान कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह राहत पैकेज वर्ष 2014 की बाढ़ के मद्देनजर दिए गए राहत पैकेज की तरह हो और इसमें जम्मू प्रांत का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस को इस विषय में तत्काल केंद्र सरकार के साथ एक औपचारिक आग्रह करना चाहिए।
मौजूदा परिस्थितियों में केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार में एक मजबूत समन्वय नजर आना चाहिए, ताकि प्रभावितों को पर्याप्त राहत मिल सके,लेकिन यहां इसका अभाव है। मुख्यमंत्री एक तरफ चलते हैं और उपराज्यपाल दूसरी तरफ। दोनों में बैठकों के आयोजन और राहत के एलान पर प्रतियोगिता नजर आती है।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को है फोटों खिंचाने का शौक: शाहीन
जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीएन शाहीन ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से लेकर नेशनल कान्फ्रेंस के अन्य नेताओं तक, सभी को बाढ़ प्रभावित इलाकों में फोटो खिंचवाने का शौक है। पीड़ितों की मदद के लिए अभी तक कोई प्रभावी उपाय प्रदेश सरकार ने नहीं किया है। पीडितों को जब तक मुआवजा दिया जाएगा, तब तक उन्हें कोइ अंतरिम राहत मिलनी चाहिए।
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केंद्र सरकार के साथ प्रदेश सरकार ने इस नुक्सान से उभरने के लिए क्या संवाद -संपर्क किया है, पता चलना चाहिए। यहां किसान बरबाद हो गए हैं । उपराज्यपाल को स्वयं इस मामले अपने प्रभाव का प्रयाेग कर पीड़ितों की राहत के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
मौजूदा महंगाई को ध्यान में रख दें मुआवजा: बुखारी
जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि पैकेज पूरी तरह से व्यावहारिक हो और लाभार्थियों को उनके नुक्सान का मौजूदा महंगाई को ध्यान में देखते हुए पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। हम प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह करते हैं कि वह जल्द कोई प्रभावी पैकेज घोषित करें। हमारा नेशनल कांफ्रेंस से आग्रह है कि इस मामले में सियासत करने के बजाय लोगों की भलाई को प्राथमिकता दे।
अभी तक नहीं ली गई पीड़ितों की सुध: रविंदर शर्मा
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व एमएलसी रविंदर शर्मा ने कहा कि चिशोटी की घटना को लगभग एक माह हो रहा है, जम्मू में बाढ़ की तबाही का भी एक सप्ताह बीत रहा है, लेकिन अभी तक यहां केंद्र सरकार की तरफ से पीड़ितों के राहत के लिए कोई ठोस उपाय किया जाता नजर नहीं आ रहा है।
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जम्मू-कश्मीर के हालात पर नजर रखे हैं प्रधानमंत्री-गृहमंत्री: जुगल
वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री जम्मू कश्मीर के हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उन्होंने बातचीत की है। अब गृहमंत्री भी जम्मू कश्मीर के दौरे पर आ रहे हैं। पीड़ितों के हर संभव मदद की जाएगी।
जम्मू कश्मीर में राहत पैकेज आज बड़ा मुद्दा: शाह
कश्मीर मामलों के जानकार सैयद अमजद शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आजकल राहत पैकेज एक बड़ा मुद्दा है। सभी को पता है कि केंद्र सरकार जरुर राहत पैकेज का एलान करेगी और जब करेगी तो उसका श्रेय लेना है, इसलिए सभी इसका उल्लेख कर रहे हैं। स्वयं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें हर संभव मदद का यकीन दिलाया है, ऐसे में राहत पैकेज को लेकर बयानबाजी या कहना कि भाजपा पैकेज दिलाए या पहले से बड़ा पैकेज हो, सिर्फ श्रेय की उम्मीद और राजनीति है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
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