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    जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद न फैले महामारी, प्रभावित क्षेत्रों में बांटी जा रही क्लोरीन की गोलियां

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:09 PM (IST)

    जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद महामारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए चिह्नित स्थानों पर फागिंग शुरू की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए क्लोरीन वितरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को स्वास्थ्य जांच करने और रोग निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

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    पानी जमा होने से मच्छर पैदा होने की आशंका है, इसलिए फागिंग अभियान चलाया जा रहा है।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद उत्पन्न हुई स्थिति में महामारी न फैले , इसके लिए स्वास्थ्य एवंं चिकित्सा शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है।

    विभाग ने जगहासें को चिन्हत कर जहां डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों से बचाव के लिए फागिंग शुरू कर दी है। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए क्लोरीन बांटने का काम भी शुरू हो गया है।

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    एक दिन पहले स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डा. सैयद आबिद रशीद शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करने के साथ-साथ, रोग निगरानी को मजबूत करें।

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    उन्होंने प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच करने, स्वास्थ्य सुविधाओं की कार्यक्षमता, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता और कोल्ड चेन का आकलन करने के भी निर्देश दिए।घरेलू उपयोग के लिए क्लोरीन की गोलियों का वितरण और सार्वजनिक जल स्रोतों व राहत शिविरों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराने काे कहा था।

    इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन क्षेत्रों में स्थित अपने स्वास्थ्य केंद्रों में क्लोरीन की गोलियां भेजी हैंञ विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियां दे रही हैं जबकि लोगाें से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने निकटतम स्थानों पर स्थिति प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से क्लोरीन की टेबलेट लें।

    वहीं बाढ़ के बाद कई जगहों पर पानी एकत्रित होने के कारण मच्छर पैदा हो रहा है। इससे डेंगू आैर मलेरिया जैसे रोगों के भी फैलने की आशंका बन गई है।इन बीमारियों से बचाव के लिए राज्य मलेरिया विभाग ने जम्मू नगर निगम के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की है और वहां पर फागिंग अभियान शुरू किया है।

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    जम्मू नगर निगम की टीमों को पानी निकालने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त डायरिया, हैजा, हेपेटाइटिस ए और ई और सर्पदंश के मामलों के भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    महामारी विशेषज्ञ डा. हरजीत राय कस कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को क्लोरीन दी जा रही है ताकि पीने का पानी स्वच्छ हो। सभी प्रबंध किए गए हैं।

    वहीं स्टेट मलेरियालोजिस्ट डा. ध्रुव जी रैना का कहना है कि डेंगू और मलेरिया ने फैले, इसके लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

    सार्वजनिक जल स्रोतों व राहत शिविरों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण होंगे ताकि कहीं पर भी लोगों को दूषित पेयजल न मिले। राहत शिविरों में सुरक्षित जल व्यवस्था, स्वच्छता, जल निकासी, अपशिष्ट निपटान, टीकाकरण और नियमित चिकित्सा जांच के लिए कहा गया है। ओआरएस के उपयोग, बुखार/दस्त/पीलिया की शीघ्र सूचना देने के लिए भी कहा गया है। एम्बुलेंस सेवाओं 102/108 को सक्रिया किया गया है। डा. सैयद आबिद रशीद, सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग

    बाढ़ के बाद की स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन स्वास्थ्य सचिव स्वयं सभी पहलों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में सभी जरूरी दवाइयां मुहैया करवाई गई है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव की तिथि के पहले सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाने के लिए कहा गया है। डा. अब्दुल हामिद जरगर, स्वास्थ्य निदेशक जम्मू 

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