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Lok Sabha Election: सोशल मीडिया पर संभलकर करें पोस्‍ट, नहीं तो हो सकती है कड़ी कार्रवाई; चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश

Lok Sabha Election 2024 सोशल मीडिया पर पोस्‍ट गलत पोस्‍ट करने से पहले सावधानी बरतें नहीं तो कार्रवाई हो सकती है। भारतीय चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसी भी तरह की गलत तरीके की पोस्‍ट और अफवाहें फैलाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। जिला स्तर पर गठित मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति द्वारा चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है।

By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma Fri, 10 May 2024 02:31 PM (IST)
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किए निर्देश

जागरण संवाददाता, सोलन। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) के दृष्टिगत विभिन्न मीडिया माध्यमों से दुष्प्रचार व मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरूपयोग रोकने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ और तथ्यहीन व गलत सूचनाएं फैलाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

चौबीस घंटे रखी जा रही कड़ी नजर

शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की श्रेणी में आता है और इस पर प्रसारित सामग्री पर जिला स्तर पर गठित मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति द्वारा चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है। यदि सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता की उल्लंघना से संबंधित कोई सामग्री पाई जाती है तो इससे प्रसारित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेट स्‍पीच मामलों पर भी बनी हुई नजर

उपायुक्त ने कहा कि विशेषतौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से हेट स्पीच के मामलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने अथवा किसी धर्म या सम्प्रदाय का अपमान करने पर दंड का प्रावधान है। वहीं विभिन्न समुदायों में धर्म, जाति, जन्म स्थान, आवास, भाषा इत्यादि के आधार पर विद्वेष व वैमनस्य पैदा करने तथा आपसी सौहार्द बिगाड़ने पर दंड का प्रावधान है।

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धार्मिक भावनाएं भड़काने पर मिलेगा दंड

इसके अतिरिक्त भड़काऊ वक्तव्यों के माध्यम से लोगों में डर अथवा भय पैदा करने व धार्मिक भावनाएं भड़काने इत्यादि पर दंड का प्रावधान किया गया है। वहीं ऑनलाईन वक्तव्य तथा संचार सेवाओं के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेश विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

मनमोहन शर्मा ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की भ्रामक सामग्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रसारित या प्रचारित न करें। यदि इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो जिला स्तर पर गठित समिति इसे आगामी कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को प्रेषित करेगी।

गलत पोस्‍ट करने से बचें

शर्मा ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन इत्यादि जारी करने से पहले मीडिया प्रमाणन एवं अनुश्रवण समिति से इसका पूर्व प्रमाणन आवश्यक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन कर लिया गया है।

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ऐसे विज्ञापनों में पारदर्शिता के दृष्टिगत इन पर लेवल इत्यादि लगाकर इसकी जानकारी भी दर्शानी होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार के ब्लॉग, वेबसाइट व व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए संदेश, कमेंट, फोटो, वीडियो इत्यादि को विज्ञापन की श्रेणी से बाहर रखा गया है। हालांकि इनमें आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।