विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुष्कर्म मामले में हरियाणा भाजपा अध्यक्ष बड़ौली व सिंगर रॉकी मित्तल की परेशानी बढ़ी, केस रीओपन करने की याचिका स्वीकार

Published: Tue, 15 Jul 2025 05:00 PM (IST)Updated: Tue, 15 Jul 2025 05:05 PM (IST)

Mohan Lal Badoli Case Reopen सोलन जिला न्यायालय ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल के ...और पढ़ें

मोहन लाल बडोली और सिंगर रॉकी मित्तल
मोहन लाल बडोली और सिंगर रॉकी मित्तल

जागरण संवाददाता, सोलन। Mohan Lal Badoli Case Reopen, हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल की परेशानी अब एक बार फिर बढ़ गई है। कथित दुष्कर्म केस री-ओपन करने की याचिका को सोलन अदालत ने मंजूर कर लिया है। हालांकि यह मामला आगे किस दिशा में जाएगा, यह कसौली कोर्ट में निर्धारित होगा। बहरहाल सोलन जिला एवं सत्र न्यायालय ने पीड़ित महिला को राहत देते हुए, उन्हें 30 जुलाई को कसौली कोर्ट में अपना पक्ष रखने की अनुमति दी है।

कसौली में केस क्लोज होने के बाद सोलन में की थी याचिका

बता दें कि पीड़ित महिला ने कसौली में केस क्लोज होने के बाद सोलन अदालत में इस केस को दोबारा रि ओपन करने की याचिका लगाई थी। उन्होंने तर्क दिया था कि बिना उनकी सुनवाई किए ही, केस की क्लोजर रिपोर्ट दे दी गई थी। अब पीड़ित महिला केस की क्लोजर रिपोर्ट के प्रति अपना आब्जेक्शन फाइल करेगी।

दिल्ली की महिला ने लगाया है दुष्कर्म का आरोप

यह मामला एक दिल्ली निवासी महिला द्वारा लगाए गए कथित दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा है। महिला ने पहले से बंद किए गए केस को दोबारा खोलने की मांग करते हुए सेशन कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की थी। पीड़िता की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि निचली अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना ही पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।

पुलिस ने कही थी साक्ष्य न मिलने की बात

गौरतलब है कि कसौली पुलिस ने इस केस में जांच के बाद बड़ौली और मित्तल के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने की बात कही थी। इसके आधार पर पुलिस ने केस को बंद करने की अर्जी दी, जिसे कसौली कोर्ट ने 12 मार्च को स्वीकार कर लिया था।

महिला ने रिसीव नहीं किए थे समन

पुलिस का कहना है कि आरोप लगाने वाली महिला को बयान देने के लिए दो बार समन भेजे गए थे, लेकिन दोनों बार अलग-अलग पतों पर महिला समन रिसीव नहीं कर सकी। इसके बाद अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया।

यह भी पढ़ें- Himachal Pradesh: चहेतों को आवंटित कर दी APMC की 150 दुकानें, CM Sukhu ने दिया जांच का आदेश, चार कर्मचारी बदले

यह भी पढ़ें- Himachal Pradesh: नशे की लत पूरी करने को लड़की ने 90 हजार में बेच दी पिता की कार, चार साल के मासूम को छोड़कर फरार