हिमाचल: हर की पौड़ी की तर्ज पर पांवटा साहिब में संवरेगा यमुनाघाट, स्नानघाट व आरती स्टेज सहित होंगी खास सुविधाएं
पांवटा साहिब में यमुना नदी के तट पर हरिद्वार की हर की पौड़ी की तर्ज पर भव्य यमुनाघाट का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है। नमामि गंगे परियोजना के तहत क ...और पढ़ें

राजन पुंडीर, नाहन। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को दो भागों में बांटने वाली यमुना नदी का जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हरिद्वार के हर की पौड़ी की तरह पांवटा साहिब में भी एक भव्य और आधुनिक यमुनाघाट का रूप लेने जा रहा है।
केंद्र सरकार ने नमामि गंगे परियोजना के तहत पहले चरण में 30 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जबकि इस योजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित हैं। वन विभाग और केंद्र सरकार से जरूरी क्लीयरेंस मिलते ही यमुनाघाट का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है।
योजना के तहत तटवर्ती क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों के अनुकूल विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक बेहतर सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
2023 में रखी थी आधारशिला
विदित रहे कि 22 अप्रैल 2023 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पांवटा साहिब में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। वन विभाग से 65 हेक्टेयर भूमि मिलने के बाद अब घाट क्षेत्र को सुरक्षित, आकर्षक और आधुनिक स्वरूप देने का काम शुरू हो चुका है।
क्या कहते हैं विधायक
उधर, पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पांवटा साहिब को नमामि गंगे परियोजना के तहत यमुना घाट के सुंदरीकरण एवं जीर्णोद्धार के लिए प्रथम चरण में 30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है, इसके पूरा होने से पांवटा साहिब का गौरव बढ़ेगा।
किस तरह होगा प्रस्तावित यमुनाघाट का नया स्वरूप
परियोजना में यमुनाघाट को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए स्नान घाट, चबूतरे, रैम्प और बैठने की व्यवस्था, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए स्टेज, आकर्षक लैंडस्केपिंग, प्रकाश व्यवस्था, मॉडर्न यमुना हेरिटेज कॉरिडोर, पार्किंग और सुगम पहुंच मार्ग, चेंजिंग रूम, बैठने के लिए बेंच, यमुना घाट पर आरती के लिए स्टेज, पुजारी घाट से नदी तक बेहतर सीढिय़ां, श्री राधा कृष्ण हनुमान मंदिर के पास बने बैराज का विकास, दीवारों पर पेंटिंग, स्वर्गधाम पर अलग घाट, हरिद्वार ऋषिकेश की तरह आरती स्थल, सुरक्षा के लिए चैन, यमुना पथ का सुंदरीकरण और सुरक्षा दीवारें प्रथम चरण में बनाए जाएंगे। नया यमुनाघाट न सिर्फ धार्मिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि पांवटा साहिब के पर्यटन को नई पहचान भी देगा।
वन विभाग सक्रिय, भूमि हस्तांतरण के बाद मिली गति
वन विभाग ने परियोजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक भूमि हस्तांतरण और अनुमति प्रक्रिया कुछ समय पहले ही पूरी की है। इन दिनों निर्माण एजेंसी ने घाट की खुदाई, सौंदर्यीकरण और संरचनात्मक कार्यों की शुरुआत कर दी है।

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