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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गजब! शिमला में पीएम आवास योजना में घोटाला, एक ही लाभार्थी को 3 बार दे दिए पैसे

Published: Fri, 14 Feb 2025 08:10 AM (IST)

शिमला जिले के छोहारा ब्लाक की टिक्करी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक ही लाभार्थी को तीन बार ...और पढ़ें

शिमला में पीएम आवास योजना के लाभार्थी को तीन बार दे दी राशि।
शिमला में पीएम आवास योजना के लाभार्थी को तीन बार दे दी राशि।

HighLights

  1. शिमला जिले की टिक्करी पंचायत के सचिव पर धोखाधड़ी के आरोप
  2. तीन बार दिया अनापत्ति प्रमाणपत्र, एडीसी ने दिए जांच के आदेश

जागरण संवाददाता, शिमला। शिमला जिले के छोहारा ब्लाक की टिक्करी पंचायत के सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक ही लाभार्थी को तीन बार अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने के आरोप लगे हैं। इससे एक ही लाभार्थी को तीन बार राशि मिल गई है।

बीडीओ का मामले की जांच के दिए आदेश

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये मिलते हैं। शिकायत मिलने पर अतिरिक्त उपायुक्त शिमला अभिषेक वर्मा ने बीडीओ को जांच के आदेश दिए हैं।

शिमला जिले में कुल 412 पंचायतें हैं, जिनमें से 48 पंचायत सचिवों और 10 प्रधानों के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोपों की जांच चल रही है। इन पर प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर सीमेंट की हेराफेरी व काम की गुणवत्ता में खामी के आरोप हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना की नए सिरे से जियो टैगिंग शुरू

बता दें कि मंडी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए सिरे से जियो टैगिंग शुरू हो गई है और अब पात्र परिवारों को ही पक्के मकान की सुविधा मिलेगी। पूर्व में किए गए सर्वे में अनियमितताओं की जांच के लिए विकास खंड चौंतड़ा की कुल 42 पंचायतों में विशेष अभियान के तहत कच्चे मकानों के अलावा ऐसे परिवार हैं, जिन्हें आवास सुविधा का लाभ किन्हीं कारणों से नहीं मिल पाया है, उन्हें केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से लाभान्वित किया जाएगा।

इससे पहले साल 2018 में किए गए सर्वे के दौरान पात्र परिवारों को आवास सुविधा का लाभ न मिलने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय वाशिंदों ने भी अपनी आवाज बुलंद की थी। आरोप था कि नियमित तौर पर सर्वे नहीं किया जा रहा है। वहीं, सर्वे के लिए अधिकृत कर्मचारियों ने भी अनदेखी की थी। लेकिन अब नए सिरे से जियो टैगिंग शुरू हुई है, तो इससे छूटे हुए परिवारों को पक्के आवास की सुविधा का लाभ मिलेगा।

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एनओसी की होगी जांच

अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंचायत सचिवों की ओर से जारी किए गए अनापत्ति प्रमाणपत्र की जांच होगी। अगर गलत एनओसी जारी किया है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गलत जानकारी भरने वालों पर होगी कार्रवाई

पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दोबारा सर्वे हो रहा है। इसमें पंचायत सचिव व अन्य ग्राम रोजगार सेवक के चेहरा प्रमाणीकरण के बाद ही जानकारी भरी जा सकेगी। अगर कोई गलत जानकारी भरता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

वीरवार को सभी ब्लाक के खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। सभी बीडीओ को आदेश दिए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जारी किए जा रहे अनापत्ति प्रमाणपत्र की जांच की जाए।

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