Shimla Drone Survey: शिमला में होगा ड्रोन सर्वे, कम टैक्स देने वालों की अब खैर नहीं; नगर निगम करेगा कार्रवाई
Shimla News शिमला में अब ड्रोन सर्वे होगा। कम टैक्स देने वालों पर नगर निगम शिकंजा कसेगा। निगम प्रशासन ने आचार संहिता खत्म होने से पहले इसको पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके पूरे होने के बाद नगर निगम प्रशासन को अपनी आय में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। शहर में 2014 में टैक्स का नया सिस्टम शुरू किया गया था।

जागरण संवाददाता, शिमला। Shimla Drone Survey: राजधानी शिमला में संपत्ति कर को लेकर शुरू किया गया सर्वे को जल्दी पूरा करने के लिए नगर निगम प्रशासन में तैयारी शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने इसके तहत कृष्णा नगर वार्ड के साथ ही शहर के अन्य आठ वार्डों में भी इस सर्वे को शुरू करवा दिया है।
निगम प्रशासन ने आचार संहिता खत्म होने से पहले इसको पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके पूरे होने के बाद नगर निगम प्रशासन को अपनी आय में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि नगर निगम को वर्तमान में टैक्स से 21 करोड़ रुपए की आय होती है।
2014 में शुरू हुआ था टैक्स सिस्टम
इसमें काफी बढ़ोतरी वास्तविक टैक्स लागू होने के बाद हो सकती है। शहर में 2014 में टैक्स का नया सिस्टम शुरू किया गया था। इस सिस्टम के आधार पर लोगों को अपने घर की परिधि को खुद नापने का काम दिया था और इसके आधार पर ही लोगों से टैक्स लिया जा रहा है।
अब नगर निगम प्रशासन को शिकायत मिली है कि कुछ लोगों ने पूरी परिधि या पूरे एरिया को नहीं नापा है जिस कारण निगम को कम टैक्स मिल रहा है। अब निगम इसका सर्वे करवाकर खुद टैक्स किए आकलन करेगा इससे नगर निगम की आए भी बढ़ेगी।
कम क्षेत्र दिखाने वालों को पेनल्टी
कम क्षेत्र दिखाकर टैक्स चुराने वाले भवन मालिकों पर पेनल्टी लग सकती है। 2010 से लेकर 2024 तक जितना एरिया उन्होंने कम दिखाई होगा उन्हें इसकी पेनल्टी भी भरनी होगी। नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि ड्रोन के माध्यम से शहर में संपत्ति कर को लेकर सर्वे किया जा रहा है 8 और वार्डों में इसका काम तेजी से शुरू कर दिया है। आचार संहिता समाप्त होने से पहले शहर में ड्रोन सर्वे पूरा करवाने का लक्ष्य रखा गया हैं।
संपत्ति कर की रिकवरी को एक महीना शेष
इस वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर की रिकवरी को नगर निगम के पास अब महज एक सप्ताह शेष है। नगर निगम शिमला ने वर्तमान वित्त वर्ष में साढे़ 17 करोड़ रुपए के टैक्स की रिकवरी का टारगेट रखा था, इसमें से 15 करोड़ से ज्यादा के टैक्स की वसूली कर दी गई है।
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2 करोड़ की टैक्स की वसूली अभी की जानी है। ऐसे में नगर निगम अपनी इस रिकवरी को बढ़ाने के लिए भवन मालिकों को टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। अभी तक 3, 000 से ज्यादा लोगों को ऐसे नोटिस इस साल में जारी किए जा चुके हैं। हालांकि बिजली पानी काटने की नोटिस जिन भवन मालिकों को जारी किए हैं, इनकी संख्या 50 से 60 के बीच में ही है।
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