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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shimla: स्‍कूलों में शुरू होगा New Academic Session, रोड़ सेफ्टी का पाठ्यक्रम अभी भी नहीं तैयार; अधिकारियों ने दिया ये तर्क

Published: Sat, 10 Feb 2024 03:13 PM (IST)

Himachal Schools New Academic Session हिमाचल प्रदेश के स्‍कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। वहीं रोड़ ...और पढ़ें

रोड़ सेफ्टी का पाठ्यक्रम अभी भी नहीं तैयार (फाइल फोटो)
रोड़ सेफ्टी का पाठ्यक्रम अभी भी नहीं तैयार (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, शिमला। शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में सोमवार से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। राज्य सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाने का निर्णय लिया था। इस सत्र से इसके शुरू होने की संभावनाएं काफी कम है। इसका कारण पाठ्यक्रम का तैयार न होना है।

परिवहन विभाग ने नवंबर महीने में पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में परिवहन विभाग के अधिकारियों के अलावा स्कूल व कॉलेज शिक्षकों को शामिल किया गया था। इनकी कई बैठकें भी हुई, लेकिन पाठ्यक्रम के लिए औपचारिक्ताएं पूरी नहीं हो पाई।

अवकाश होने के चलते नहीं हो पाई बैठकें

उधर स्कूल शिक्षा बोर्ड शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए किताबों को प्रकाशित कर जिला स्तर पर अपने डिपुओं में पहुंचा भी चुका है। इसका आबंटन भी शुरू हो गया है। पाठ्यक्रम तैयार न होने के पीछे अब तर्क दिया जा रहा है कि स्कूल व कॉलेजों में अवकाश होने के चलते बैठकें आयोजित नहीं हो पाई। अब जल्द बैठकें आयोजित कर पूरा प्रारूप तैयार कर एससीईआरटी को भेजा जाएगा। एससीईआरटी इसे अंतिम रूप देगा।

पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के साथ प्रश्न पत्र का भी हिस्सा बनाने की थी योजना

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब 11वीं व 12वीं कक्षाओं में बच्चों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाने का निर्णय सरकार ने लिया था। मौजूदा समय में छठी से 12वीं तक के बच्चों को पहले ही सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से इसका दायरा बढ़ाने की योजना थी।

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विभाग का तर्क था कि 12वीं पास करने के बाद बच्चा 18 साल का हो जाता है और वह गाड़ी चलाने के लिए लाइसैंस बनाने के लिए भी आवेदन करता है। इसलिए उसके लिए यह जरूरी है कि सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों की जानकारी उसे पहले से हो। अभी तक कक्षा छठी से 12वीं तक बेसिक चीजों की जानकारी दी जाती है। कक्षा 11वीं व 12वीं में यातायात नियम व सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस बारे पढ़ाया जाएगा।

2016 से लेकर अब तक सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी 8370 लोगों की मौत

परिवहन विभाग ने वर्ष 2016 से लेकर अब तक प्रदेश में हुए सड़क हादसों, घायलों और इन हादसों में हुईं मौतों के आंकड़ों का आकलन किया है। जिसमें विभाग ने पाया है कि वर्ष 2016 से लेकर 31 नवम्बर 2023 तक 20,904 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। वहीं इन दुर्घटनाओं में 34,754 की मौत हो चुकी है। इसके अतिरिक्त इस वर्ष यानी 2023 में जनवरी से लेकर अब तक 1,399 सड़क दुर्घटनाओं में 564 लोगों की मौत हो चुकी है।

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परिवहन विभाग में निदेशक का पद खाली

परिवहन विभाग में निदेशक का पद पिछले दो सप्ताह से खाली पड़ा हुआ है। इसके चलते भी विभाग में कई अहम बैठकें आयोजित नहीं हो पा रही है। सड़क सुरक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करने के अलावा आरटीए की बैठक भी स्थगित कर दी गई थी।