'सुक्खू सरकार का चेहरा बेनकाब', जयराम ठाकुर ने बद्दी में गैरकानूनी गतिविधियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर बद्दी में गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश के हितों से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता है। जयराम ठाकुर ने उच्च न्यायालय के उस फैसले की सराहना की है जिसमें सरकार की तानाशाही और अन्याय को उजागर किया गया है।

जागरण संवाददाता, शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार का चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो गया है।
आज फिर पूरे प्रदेश ने देखा कि किस प्रकार से सरकार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके बद्दी में गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों को संरक्षण देने का काम कर रही है।
प्रदेश के हितों से ज्यादा कुर्सी की चिंता: जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश के हितों से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता है। इसीलिए राजनीतिक दबाव में आकर उन्होंने बद्दी की एसपी पर कार्रवाई की और उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया।
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जिससे वहां तैनात होने वाले आगे अधिकारियों पर भी यह दबाव बने की सरकार के लोगों को छेड़ना नहीं है। खनन माफिया एसपी ऑफिस के आसपास भी अवैध खनन कर रहे हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
हाईकोर्ट के फैसले की सराहना की
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रकार से माफिया को संरक्षण देना दुर्भाग्यपूर्ण भी है और शर्मनाक भी। मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के लोग इस बात को समझ लें कि उनके लोग कानून से ऊपर नहीं है और अगर गैर कानूनी कार्य करेंगे तो उन पर भी कानून का डंडा चलेगा।
उच्च न्यायालय ने बद्दी में एसपी की नियुक्ति के मामले में सरकार की तानाशाही और अन्याय को उजागर करते हुए जो फैसला दिया है, उसकी हम सराहना करते हैं।
'दिल्ली में आप और कांग्रेस का सूपड़ा होगा साफ'
बता दें कि बीते दिनों दिल्ली विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कहा था कि दिल्ली में इस बार भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। कांग्रेस और आप का सूपड़ा साफ हो जाएगा। कांग्रेस और आप का विकास और गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो चुका है।
इन दोनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजय रथ रोकने के लिए दिल्ली में एक साथ मिलकर भी चुनाव लड़ा। गारंटियों का जो मॉडल हिमाचल में कांग्रेस नेताओं ने दिखाया और गारंटियों के नाम पर जिस प्रकार से छला वैसा उदाहरण भारत की राजनीति में शायद ही कभी मिले।
हिमाचल में कांग्रेस के आला नेताओं से लेकर छोटे नेताओं ने सिर्फ सत्ता हथियाने के लिए झूठ बोलने की हदें पार कर दीं। जो भी गारंटियां दी थी उसके विपरीत काम किया। हिमाचल में यह पहली सरकार थी, जो चुनावी वादों के मेनिफेस्टो के विपरीत काम कर रही है। हिमाचल की सुक्खू सरकार 'एंटी गारंटी और एंटी मेनिफेस्टो गवर्नमेंट' है।
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