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    ठियोग पेयजल घोटाला: विजिलेंस ने की 18 वाहनों की जांच, 40 लोगों से पूछताछ; खंगाले रिकॉर्ड, पढ़िए पूरा अपडेट

    Updated: Fri, 10 Jan 2025 03:40 PM (IST)

    जागरूकता टीम ने ठियोग में पेयजल आपूर्ति में अनियमितताओं की जांच की। 18 वाहनों की जांच की गई और 40 लोगों से पूछताछ की गई। ठेकेदारों और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस ने पंप हाउस का भी दौरा किया और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला अभिषेक वर्मा ने जांच पूरी कर ली है।

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    ठियोग पेयजल घोटाला: एक्शन में विजिलेंस टीम। (जागरण फोटो)

    जागरण टीम, शिमला/ठियोग। ठियोग पेयजल आपूर्ति मामले में विजिलेंस ने ठियोग में वीरवार को 18 वाहनों की जांच की। साथ ही पिकअप चालक व मालिक, जल शक्ति विभाग के फील्ड स्टाफ, अधिकारियों सहित 40 लोगों से पूछताछ की। टैंकर और पिकअप चालक व मालिक सहित 20 लोग शामिल हुए।

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    विजिलेंस ने जांचा कि आखिर किस टैंकर और पिकअप ने कितने फेरे लगाए और उनके नंबरों का रिकार्ड के साथ भी मिलान किया गया। इसके अलावा जो नंबर दोपहिया वाहन और अन्य वाहनों के हैं उसको लेकर भी फील्ड स्टाफ और ठेकेदारों से पूछताछ की गई।

    खातों को खंगाला जा रहा

    विजिलेंस आपूर्ति में इस्तेमाल की गई गाड़ियों के साथ ठेकेदारों और वाहन चालकों से उनके द्वारा लगाए गए फेरों को लेकर भी जांच की जा रही है। जल शक्ति विभाग के माध्यम से जिन बैंक खातों में लेनदेन हुआ है उन खातों को भी खंगाला जा रहा है।

    चालक और वाहन मालिकों ने बताया है कि जिन वाहनों का इस्तेमाल किया गया उनके नंबर कंप्यूटर में दर्ज करने के दौरान गलतियां हुई हैं। विजिलेंस ने 10 जनवरी को फिर सभी टैंकर, पिकअप मालिक व चालक और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को पूछताछ के लिए शिमला कार्यालय तलब किया है।

    टीम ने पंप हाउस का भी किया दौरा

    तीन घंटे चली विजिलेंस जांच मौके पर पहुंची विजिलेंस टीम की जांच लगभग तीन घंटे तक चली। विभाग से संबंधित कर्मचारी बयान देने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके बयान नहीं लिए गए। अधिकारियों ने टैंकरों की क्षमता की जरूरत पड़ने पर जांच करने की भी बात कही।

    टीम ने पंप हाउस का भी किया दौरा विजिलेंस टीम ने वीरवार को लेलुपूल स्थित पंप हाउस का भी दौरा किया। यहां से टैंकरों में पानी भरा जाता है। उन्होंने कर्मचारियों से कई अन्य दस्तावेज भी मांगे और विभागीय कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए।

    टीम ने पंप हाउस में सीसीटीवी कैमरे न लगे होने पर भी सवाल उठाए। अब टीम सैंज बाजार और उसके आसपास के होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। इन गाड़ियों के रिकार्ड किए दर्ज विजिलेंस ने कुल 18 वाहनों की जांच की।

    इसमें नौ टैंकर और पांच पिकअप मालिक व उनके चालक मौके पर थे। टैंकर नंबर एचपी 63ए 7600, एचपी 63 3898, एचपी 63सी 3352, एचपी 63 4853, एचपी 63सी 4777, एचपी 63ए 0116, एचपी 62ए 2777, एचपी 63ए 0877, एचपी 63ई 2877, पिकअप नंबर एचपी 09ए 5865, एचपी 14 सी 1292, एचपी 09सी 4525, एचपी 09सी 7685, एचपी 63सी 0737 के रिकार्ड दर्ज किए हैं। बताया जा रहा है कि चार अन्य वाहन भी जांच में शामिल थे।

    कब्जे में लिए दस्तावेज

    अधिकारियों ने वाहनों की पानी ढोने की क्षमता, पानी के वितरण के क्षेत्र का ब्योरा, रजिस्ट्रेशन कापी, वाहन चालक और मालिक की जानकारी भी ली। इसके अलावा जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को सोमवार को शिमला में बुलाया है। ठेकेदारों पर टैंकर पेयजल आपूर्ति में प्रारंभिक स्तर पर अनियमितताएं बरतने के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जा रही है। जल शक्ति विभाग से मामले से संबंधित सभी तरह के दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।

    वीरवार को पेयजल सप्लाई में इस्तेमाल किए गए टैंकरों और पिकअप वाहनों के पंजीकरण, वाहन के पानी ढोने की क्षमता सहित अन्य जानकारी जुटाई है और संबंधित कागजात कब्जे में लिए हैं। इससे पहले सभी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों के बैंक खाते खंगाले गए हैं। जल्द ही मामले की सच्चाई स्पष्ट की जाएगी।

    -नरवीर सिंह राठौर, एएसपी विजिलेंस।

    आज सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे एडीसी

    पेयजल आपूर्ति घोटाला में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला अभिषेक वर्मा ने जांच पूरी कर ली है। वह शुक्रवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप के माध्यम से सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे। बताया जा रहा है कि एडीसी की जांच में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बरती गई कई कमियां सामने आई हैं।

    बीते दिनों उन्होंने मौके पर जाकर संबंधित पंचायतों का दौरा किया था। आम लोगों व अधिकारियों से भी पूछताछ की थी। ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून के दौरान पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया था।

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