गजब की लापरवाही! बिजली विभाग ने महिला व्यापारी को दिया जोर का 'झटका', थमाया 2 अरब का बिल
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। विभाग ने एक महिला व्यापारी को दो अरब10 करोड़42 लाखआठ हजार 405 रुपये का बिल दे दिया। इतनी बड़ी संख्या में बिजली का बिल देखकर महिला और उसके परिवार वालों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत विजली विभाग को इसकी सूचना दी। बाद में तकनीकी खराबी कारण बताते हुए 4047 रुपये का असल बिल दिया गया।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। अनुराग ठाकुर के संसदीय क्षेत्र हमीरपुर से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल, एक महिला व्यापारी के उस वक्त होश उड़ गए जब उसने हर माह चार 4 हजार के करीब आने वाले बिजली के बिल की जगह दो अरब का बिजली का बिल पाया।
अब पूरा मामला क्या है, आइए समझते हैं। ये कारनामे बिजली विभाग के हैं। महिला जिसे अरबों का बिजली का बिल थमाया गया, इसकी बेहड़वीं जट्टा गांव में कंक्रीट की ईंटे बनाने की फैक्ट्री है। महिला और उसके परिवार के तो बिजली का बिल देखते ही मानो होश उड़ गए। घरवाले हक्के-बक्के रह गए।
महिला कारोबारी का नाम ललिता धीमान है। दो अरब,10 करोड़,42 लाख,आठ हजार 405 रुपये का बिजली बिल देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद क्या था, महिला ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग को दी।
बिजली विभाग ने बताया 'टेक्निकल ग्लिच'
ललिता धीमान व उनके बेटे आशीष धीमान ने बताया कि जब बिजली बिल आया तो उसे देखकर घबरा ही गए। इसके बाद उन्होंने बिजली विभाग को सूचित किया तो वहां के अधिकारियों का कहना था कि तकनीकी खराबी की वजह से ऐसा हुआ है।
दो-तीन घंटे बाद उनको दोबारा बिल दिया गया जो 4047 रुपये था। उन्होंने कहा कि हर माह चार से पांच हजार बिल आता है। अचानक इतना बिल देखकर पूरा परिवार घबरा गया। बिजली विभाग के इस कारनामे की इंटरनेट मीडिया पर खूब किरकिरी हो रही है। इसे विभाग की बड़ी लापरवाही बताया जा रहा है।
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उल्टी रीडिंग हो गई!
बिजली विभाग भोरंज के सहायक अभियंता अनुराग चंदेल ने बताया कि मीटर में तकनीकी खामी के कारण इतना बिल आया है। मीटर खराब हो गया था और इसकी रीडिंग आगे चलने के बजाए पीछे हट गई जिससे अरबों रुपये का बिल आने की शिकायत मिली थी। उनका बिल सही कर दिया गया है। अब उपभोक्ता 4047 रुपये का बिल दिया गया है।
कारोबारियों को बिजली बिल देने का यह है नियम
कारोबारियों का 20 किलोवाट से 50 किलोवाट तक बिजली मीटर की रीडिंग लाने की ड्यूटी संबंधित कनिष्ठ अभियंता की होती है और उस बिल की रीडिंग को कारोबारियों को देने से पहले क्रॉस चेक करने का कार्य संबंधित एसडीओ का होता है।
बिजली बोर्ड द्वारा 20 किलोवाट से ऊपर का जो बिल दिया जाता है, वह एमआरआई मशीन से दिया जाता है। लेकिन कारोबारी के बिल को सही मायने में न देकर ड्यूटी में कोताही बरती गई है। इस कारण भोरंज उपमंडल एसडीओ व जेई की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं।
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