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    हिमाचल: 'कर्मचारियों की वित्तीय देनदारी चुकाए सरकार', टीजीटी कला संघ ने भेजा 15 सूत्रीय मांगपत्र

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 05:05 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के राजकीय टीजीटी कला संघ ने सरकार से कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का तुरंत भुगतान करने की मांग की है। संघ ने 1 जनवरी 2026 से सातवें व ...और पढ़ें

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    हिमाचल प्रदेश के टीजीटी शिक्षकों ने सरकार से मांगें उठाई हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के राजकीय टीजीटी कला संघ ने सरकार से कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का भुगतान करने की मांग सहित ट्रांसफर नीति बनाने की मांग की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने प्रेस को जारी बयान में सरकार से 1 जनवरी 2026 से सातवें वेतन आयोग को गठित और लागू करने के लिए नीति स्पष्ट करने की मांग की है।

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    कर्मचारी परिसंघ को मान्यता दे सरकार

    उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों की जेसीसी गठित करते हुए कर्मचारी परिसंघ को मान्यता दे। महासचिव विजय हीर ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से अब तक देय वेतन आयोग का एरियर, लंबित 14 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और मंहगाई भत्ते का एरियर, 10 साल एक-एक भी भत्ता पंजाब तर्ज पर रिवाइज नहीं करना, टीए डीए में 30 किलोमीटर दायरे की शर्त से हो रहे नुकसान का जायजा लिया जाए और कर्मचारियों की अदायगी देने के बेहतरीन विकल्प सुझाने के लिए संघ को मौका दिया जाए।

    संघ ने ये मांगें भी उठाई

    संघ ने 4-9-14 एसीपीएस स्कीम हिमाचल द्वारा अपने स्तर पर बहाल करने, टीजीटी को हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों की तर्ज पर बेहतर पे स्केल देने, कैशलेस ट्रीटमेंट व्यवस्था उत्तर प्रदेश की तर्ज पर शुरू करने, शिक्षा विभाग में टीजीटी से प्रवक्ता की 749, जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी की 400 प्रमोशन, जेबीटी से एलटी प्रमोशन, प्राथमिक स्तर पर बीइइओ प्रमोशन जल्दी करने और रिक्त जेबीटी, टीजीटी पदों पर कमीशन भर्तियां करते हुए 5154 पद भरने की प्रक्रिया जल्दी निपटाने की अपील भी सरकार से की है।

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    संघ ने कहा कि प्रदेश में टीजीटी शिक्षक 2019 से 2025 के मध्य नियुक्त या पदोन्नत शिक्षकों की वरिष्ठता सूची निकलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसे निकालने में हुए देरी से शिक्षक नाराज हैं।