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    हिमाचल प्रदेश में नववर्ष में होगी 10 हजार शिक्षकों की भर्ती, 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी होने जा रहे बड़े बदलाव

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 01:51 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश 2026 को आर्थिक पुनर्संरचना और प्रशासनिक सुधारों का निर्णायक वर्ष बनाने जा रहा है। इसमें 10,000 शिक्षकों की भर्ती, रोबोटिक सर्जरी की शुरु ...और पढ़ें

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    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    राज्य ब्यूरो, शिमला। वर्ष 2026 हिमाचल प्रदेश के लिए न केवल नया कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि आर्थिक पुनर्संरचना और प्रशासनिक सुधारों का निर्णायक दौर साबित होने जा रहा है। सीमित संसाधनों, बढ़ते कर्ज और आपदा-संवेदनशील भूगोल के बीच सरकार ने विकास के नए माडल पर कदम बढ़ा दिए हैं।

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    आने वाले वर्ष में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रशासन और निवेश नीति में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। नए वर्ष 2026 में लोगों के जीवन में अपेक्षानुरूप बदलाव सुनिश्चित करने के लिए सात सरोकारों से शुरुआत होने जा रही है। 

    रोबोटिक सर्जरी से उपचार होगा शुरू

    शिमला, हमीरपुर व नेरचौक मेडिकल कालेज एवं अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी से उपचार शुरू होगा। पहले शिमला के चमियाणा स्थित अटल इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज में व उसके बाद टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल कांगड़ा में रोबाटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हुई थी। चिकित्सा महाविद्यालयों में उपकरणों की जाईका चरण-1 से खरीद होगी। जाईका-चरण-2 में बाल चिकित्सा केंद्र स्थापित होंगे।

    10000 शिक्षकों के पद भरे जाएंगे

    स्कूली बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखने और शिक्षा पर केंद्रित करने के लिए इस पर पर प्रतिबंध शुरू होगा। इस वर्ष शिक्षा विभाग में अध्यापकों के 10 हजार पद भरे जाएंगे और 5000 शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ प्राप्त होगा। नए शैक्षणिक सत्र में 100 सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई शुरू होगी। शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कैंब्रिज विश्वविद्यालय भेजेगा। 

    सुख सम्मान निधि योजना

    महिलाओं को आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करने के लिए इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना की शुरुआत लाहुल-स्पीति के काजा से हुई थी। अभी तक स्पीति, लाहुल, कुपवी, किलाड़ में  महिलाओं को 1500 रुपये की राशि मिली थी। इस वर्ष सरकार इसी जिला में महिलाओं को दूसरी किस्त प्रदान करेगी। पहली किस्त के तहत महिलाओं को एक साथ तीन महीनों की राशि एकमुश्त प्रदान की गई थी। 

    1000 ई वाहनों की खरीद

    ई-वाहनों से पर्यावरण संरक्षण के प्रयास को इस वर्ष 1000 वाहनों की खरीद से बढ़ाया जाएगा। अब इलेक्ट्रिक थ्री-व्हिलर चलाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश में वन विभाग पौध रोपण स्थानीय मौसम व भूमि की परिस्थितियों को देखते हुए करेगा। इस वर्ष क्षेत्र विशेष में जमीन को देखते हुए ग्रामीण आजीविका केंद्रित पौधे ही लगाए जाएंगे। सरकार ने वर्ष 2026 तक राज्य को ग्रीन एनर्जी स्टेट का लक्ष्य रखा है।

    प्राकृतिक झीलों एवं तलाबों का संरक्षण होगा

    वर्षा जल संरक्षण को अनिवार्य रूप दिया गया है, जिसके चलते घरों की छतों से प्रत्येक नए बनने वाले भवन में जल संरक्षण करना होगा। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक झीलों एवं तलाबों का संरक्षण किया जाएगा। पंचायतों के स्तर पर परंपरागत प्राकृतिक स्रोतों का भी संरक्षण सामुदायिक भागीदारी से होगा। मनरेगा नए बदलाव में विकसित भारत जी राम जी के तहत पंचायतों में तालाब निर्माण को शामिल किया गया है। 

    हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 

    युवा शक्ति को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए तीन जनवरी को उद्योगों के विस्तारीकरण को मजबूत धरातल प्रदान करने के लिए हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के युवाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप की प्रदर्शनी होगी। सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने युवाओं को नवाचार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने को उपनिदेशक स्तर के पदों को भरा जाएगा।

    स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता

    ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। बड़े शहरों में सरस मेलों का निर्णय लिया है। सरस मेले प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी लगाए जाएंगे। ऐसे मेलों में स्थानीय स्तर पर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए रखने को प्राथमिकता मिलेगी। चाहे हल्दी उत्पादन की बात हो या दूध से निर्मित मिठाइयां, इसी में शामिल हैं।

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