हिमाचल: शिक्षकों पर कम होगा गैर शैक्षणिक कार्य का बोझ, हर टीचर के जिम्मे आएंगे एक से दो काम; विभाग के आदेश में क्या?
हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने नए नियम बनाए हैं। अब प्रत्येक शिक्षक को केवल एक या दो अतिरिक् ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम होगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए नए सिरे से नियम तय कर काम का बंटवारा कर दिया है। स्कूल में हर शिक्षक के जिम्मे एक से दो कार्य आएंगे। वीरवार को इस संबंध में स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
31 तरह के अतिरिक्त कार्य करते हैं शिक्षक
स्कूलों में शिक्षकों से 31 विभिन्न तरह के गैर शैक्षणिक कार्य करवाए जाते हैं। छात्रवृत्ति, एनएसएस, ईको क्लब, एनसीसी, मिड-डे-मील, वर्दी और किताबों का वितरण, स्काउट एंड गाइड, आपदा प्रबंधन, पुस्तकालय रखरखाव, युवा संसद, स्वच्छता अभियान, सरकारी सर्वे, मतदाता सूची अद्यतन, जनगणना, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण, रिकॉर्ड रखरखाव, विभिन्न प्रोजेक्ट की फीडिंग, स्कूल-स्तरीय कार्यक्रमों के आयोजन का जिम्मा भी शिक्षकों पर रहता है।
सभी को एक समान कार्य मिलेगा
लेक्चरर, टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी, डीपीई, पीइटी सहित अन्य श्रेणी के शिक्षकों को एक समान कार्य दिया जाएगा। इससे सभी शिक्षक बच्चों की पढ़ाई की तरफ ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुई थी चर्चा
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई थी। अब इसके लिए नए सिरे से नियम तय किए गए हैं। विभाग के मुताबिक शिक्षकों को जो दायित्व दिए गए हैं, उसमें एकरूपता नहीं थी। एक शिक्षक के पास ज्यादा कार्य है, जबकि कइयों के पास कोई कार्य नहीं था। नए नियमों के तहत सभी को एक से दो काम ही मिलेंगे।

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