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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल में उच्च वेतनमान का निर्णय वापस लेने पर भड़के कर्मचारी, सरकार को दी चेतावनी; 10 से 15 हजार का होगा नुकसान

Published: Sun, 07 Sep 2025 12:04 PM (IST)Updated: Sun, 07 Sep 2025 12:45 PM (IST)

Himachal Pradesh Govt Employees हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व जयराम सरकार द्वारा कर्मचारियों को दिए गए उच्च वेतनमान के निर्णय ...और पढ़ें

हिमाचल सरकार के उच्च वेतनमान वापस लेने के निर्णय पर कर्मचारी बिफर गए हैं।
हिमाचल सरकार के उच्च वेतनमान वापस लेने के निर्णय पर कर्मचारी बिफर गए हैं।

HighLights

  1. हिमाचल में कर्मचारियों को उच्च वेतनमान देने का निर्णय वापस
  2. पूर्व जयराम सरकार का निर्णय पलटा, प्रतिमाह 10 से 15 हजार का नुकसान
  3. सचिवालय कर्मचारी मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व प्रधान सचिव वित्त से मिलकर जताएंगे विरोध
  4. कई अन्य संगठनों ने भी जताया विरोध, आठ सितंबर से पैनडाउन हड़ताल की दी चेतावनी

राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Govt Employees, हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व जयराम सरकार के समय दिए गए उच्च वेतनमान का निर्णय वापस ले लिया है। छह सितंबर, 2022 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 89 श्रेणियों के विभिन्न कर्मचारियों को, जो तीन जनवरी 2022 से पूर्व नियुक्त हुए थे, दो वर्ष का नियमित कार्यकाल पूर्ण करने पर उच्च वेतनमान दिया गया था।

वित्त विभाग ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर इस लाभ को समाप्त करने का निर्णय लिया है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि इन कर्मचारियों का पुनः वेतन निर्धारित किया जाए। इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिमाह 10,000 से 15,000 रुपये का वित्तीय नुकसान होगा। हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि की रिकवरी नहीं की जाएगी।

सीएम के समक्ष विरोध जताएंगे कर्मचारी

अधिसूचना के जारी होते ही हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की अध्यक्षता में आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि आठ सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्य सचिव और प्रधान सचिव वित्त से मिलकर विरोध जताया जाएगा और इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की जाएगी।

89 श्रेणियों को को होगा नुकसान

कर्मचारियों का कहना है कि इस संशोधन से 89 श्रेणियों के कर्मचारियों को प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये का नुकसान होगा। बैठक में संगठन के अतिरिक्त महासचिव कमल कृष्ण शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान रमन शर्मा, संयुक्त सचिव हुकम सिंह हुक्की, कोषाध्यक्ष रामपाल, और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। 

पैन डाउन स्ट्राइक पर जाएंगे कर्मचारी : सृष्टि चौहान

निदेशालय भू-अभिलेख अराजपत्रित कर्मचारी यूनियन की प्रधान सृष्टि चौहान ने निदेशक लैंड रिकार्ड अभिषेक वर्मा को ज्ञापन सौंपकर इस पर आपत्ति जताई। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि आठ सितंबर तक इस संशोधन को वापस नहीं लिया गया तो वे पैनडाउन स्ट्राइक पर जाएंगे।

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सीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई : चंद्र मोहन

संयुक्त पटवारी व कानूनगो एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महासचिव चंद्र मोहन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। संघ ने कहा है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आठ सितंबर से पैन डाउन स्ट्राइक पर जाने की धमकी दी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वित्त विभाग द्वारा किया गया यह संशोधन अन्यायपूर्ण है और इससे हजारों कर्मचारियों को नुकसान होगा।

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