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    हिमाचल: रेवेन्यू रिकॉर्ड की खामियों पर प्रशासन सख्त, DC शिमला ने बुलाई समीक्षा बैठक; समय सीमा होगी तय

    By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 04:03 PM (IST)

    शिमला जिला प्रशासन ने राजस्व रिकॉर्ड की खामियों पर सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप 19 जनवरी को एक समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सभी एसडीएम से व ...और पढ़ें

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    जिला शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप। जागरण आर्काइव

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मामलों के तत्परता से निपटारे के आदेश के बाद अधिकारी सतर्क हैं। जिला शिमला में लंबे समय से चली आ रही राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी खामियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इन खामियों में अब तक कितना सुधार हुआ है और किन क्षेत्रों में अभी भी कमियां बनी हुई हैं, इसका आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने 19 जनवरी को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप करेंगे।

    जिला प्रशासन ने इस संबंध में जिले के सभी एसडीएम (उपमंडलाधिकारियों) से स्पष्ट निर्देशों के साथ रिपोर्ट तलब की है। एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं, लंबित मामलों, गलत या अधूरे इंतकाल, जमाबंदी में त्रुटियों, भूमि वर्गीकरण की गड़बड़ियों और डिजिटलीकरण की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा देने को कहा गया है।

    शासन चाहता है कि समीक्षा बैठक से पहले ही हर उपमंडल की वास्तविक स्थिति सामने आ जाए, ताकि ठोस निर्णय लिए जा सकें।

    राजस्व रिकॉर्ड की खामियों के कारण जनता परेशान

    बताया जा रहा है कि बीते कुछ वर्षों में राजस्व रिकॉर्ड की खामियों के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। जमीन की खरीद-फरोख्त, निर्माण अनुमति, बैंक लोन, विरासत से जुड़े मामलों और सरकारी योजनाओं के लाभ में देरी जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती रही हैं। कई मामलों में रिकॉर्ड अपडेट न होने या त्रुटिपूर्ण होने के कारण विवाद भी उत्पन्न हुए हैं, जिससे प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

    अभियान की समीक्षा हो रही

    जिला प्रशासन का मानना है कि राजस्व रिकॉर्ड किसी भी जिले की प्रशासनिक रीढ़ होता है। यदि रिकॉर्ड दुरुस्त और अद्यतन हो, तो न केवल आम नागरिकों को राहत मिलती है, बल्कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता आती है। इसी उद्देश्य से प्रशासन ने पहले भी रिकॉर्ड सुधार और डिजिटलीकरण को लेकर अभियान चलाए हैं, लेकिन अब उनकी प्रगति की गंभीर समीक्षा की जा रही है।

    धीमी रफ्तार वाले उपमंडल होंगे चिह्नित

    सूत्रों के अनुसार, 19 जनवरी की बैठक में उन उपमंडलों की पहचान की जाएगी, जहां सुधार की रफ्तार धीमी रही है। ऐसे क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा सकती है। साथ ही, जिन एसडीएम क्षेत्रों में बेहतर प्रगति सामने आएगी, उन्हें मॉडल के रूप में प्रस्तुत किए जाने की भी संभावना है, ताकि अन्य उपमंडल उनसे सीख ले सकें।

    बैठक के बाद तय होगी आगे की कार्यवाही

    उपायुक्त ने कहा कि यह समीक्षा बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इसके आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा सकती है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर राजस्व रिकॉर्ड की प्रमुख खामियों को दूर कर आम जनता को सुगम और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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