Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Himachal Disaster: 'क्या आपदा भी अब राजनीति के तराजू पर तोली जाएगी'? सीएम सुक्खू की फेसबुक पोस्ट से गरमाई सियासत

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 06:31 PM (IST)

    Himachal Pradesh Disaster हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है पर केंद्र से अभी तक कोई विशेष राहत पैकेज नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आपदा में लोगों के घर उजड़ गए और जिंदगियां बिखर गईं।

    Hero Image
    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चंबा में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते हुए। जागरण

    राज्य ब्यूरो, शिमला। CM Sukhu, हिमाचल में प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की गुहार भी लगाई गई है। अभी तक केंद्र ने हिमाचल को कोई विशेष राहत पैकेज जारी नहीं किया है। इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाली है। इसमें उन्होंने हिमाचल का दर्द बयां किया है तो केंद्र पर भी निशाना साधा है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा हमारे लोग आपदा से उजड़ गए। घर बह गए, जिंदगियां बिखर गईं। पर अफसोस, केंद्र सरकार की ओर से अब तक विशेष राहत पैकेज नहीं आया। जब वक्त की मार सबसे भारी होती है, तो राहत का इंतजार और भी दर्दनाक हो जाता है। हमने अपने सीमित संसाधनों से हर पीड़ित तक मदद पहुंचाने की कोशिश की है, क्योंकि हमें मालूम है, समय पर मिली राहत ही सच्ची राहत होती है।

    केंद्र की चुप्पी किसकी सेवा कर रही

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब जनता का दुःख आसमान छू रहा है, तब केंद्र की चुप्पी किसकी सेवा कर रही है? क्या आपदा भी अब राजनीति के तराजू पर तोली जाएगी? हम केंद्र सरकार से फिर आग्रह करते हैं- अब देरी न करें, विशेष आपदा पैकेज तुरंत जारी करें।

    अब तक 317 मौतें, 2,774 करोड़ का नुकसान

    इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक 317 लोगों की मौत हो चुकी है। 40 लोग लापता हैं और 374 लोग घायल हुए हैं। मंडी में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला व किन्नौर में 28-28 और कुल्लू में 26 मौतें दर्ज हुई हैं। 3,889 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें 795 पूरी तरह ध्वस्त हो गए। 466 दुकानें और 3,486 पशुशालाएं नष्ट हो चुकी हैं। 1,865 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षियों की मौत हो चुकी है। अब तक प्रदेश को 2,774 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।

    42 बार फट चुके हैं बादल, फ्लैश फ्लड की 90 घटनाएं

    प्रदेश में इस बरसात के दौरान 90 फ्लैश फ्लड, 87 भूस्खलन और 42 बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं। लाहुल-स्पीति में 52 फ्लैश फ्लड, कुल्लू में 15, शिमला में 14 और मंडी में 12 भूस्खलन दर्ज हुए हैं। मंडी जिले में अब तक 18 बार बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं।

    2023 में 12 हजार करोड़ का हुआ था नुकसान

    साल 2023 में हिमाचल में सदी की सबसे भीषण आपदा आई थी। उस दौरान 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की निजी व सरकारी संपत्ति तबाह हो गई थी। 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। मगर केंद्र ने विशेष पैकेज नहीं दिया। 2023 में हिमाचल सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया था।

    यह भी पढ़ें- Chamba Disaster: मुख्यमंत्री ने चंबा में नुकसान का किया हवाई निरीक्षण, राजस्व मंत्री नेगी 40 KM पैदल चलकर पहुंच गए भरमौर

    यह भी पढ़ें- Manimahesh Yatra: तबाही के बावजूद मणिमहेश पहुंचे संचुई के शिव चेले, निभाई डल तोड़ने की परंपरा; चौगान में छड़ी पूजन