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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Lok Sabha Election: आचार संहिता का उल्लंघन पड़ेगा भारी, 100 मिनट के अंदर होगी कार्रवाई; इस ऐप से करें शिकायत

Published: Mon, 18 Mar 2024 07:56 PM (IST)

Himachal Lok Sabha Election 2024 हिमाचल प्रदेश में आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ...और पढ़ें

आचार संहिता का उल्लंघन पड़ेगा भारी, 100 मिनट के अंदर होगी कार्रवाई (फाइल फोटो)
आचार संहिता का उल्लंघन पड़ेगा भारी, 100 मिनट के अंदर होगी कार्रवाई (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, शिमला। लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2024) के दौरान चुनाव आयोग आदर्श आचार संहिता (Code of Conduct) के उल्लंघन की शिकायतों का 100 मिनट में निपटारा करेगा। इस अवधि के दौरान जहां चुनाव आयोग की टीम शिकायत का निपटारा करेगी, वहीं शिकायत पर की गई कार्यवाही की सूचना भी शिकायत कर्ता को देगी।

इसके लिए चुनाव आयोग ने cVIGIL ऐप के माध्यम से आम लोगों को शिकायत करने की सुविधा प्रदान की है। इसके माध्यम से मतदाता घर बैठे ही आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर शिकायत कर सकते हैं। गत विधानसभा में cVIGIL ऐप की सफलता को देखते हुए चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में भी इस ऐप का अधिक प्रयोग करने का निर्णय लिया है।

लोग घर बैठे ऐप पर शिकायत कर सकेंगे

इस ऐप के माध्यम से कोई भी शिकायतकर्ता फोटो अथवा वीडियो मैसेज भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। चुनाव आयोग ने इस ऐप के माध्यम से आई शिकायत का निपटारा करने के लिए 100 मिनट की अवधि निर्धारित की है।

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ऐसे में अब लोग घर बैठे ही चुनावों से संबंधित शिकायतें कर सकते हैं। उन्हें शिकायत करने के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की कुल 1779 शिकायतें आई थी, जिसमें से cVIGIL ऐप के माध्यम से 1013 शिकायतें आई थी।

ऐसे होगी कार्रवाई

इस ऐप पर जैसे ही शिकायत आती है। यह शिकायत तुरंत संबंधित क्षेत्र में तैनात निर्वाचन आयोग की टीम के पास चली जाती है। घटनास्थल के सबसे करीब की टीम तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई करती है।

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ऐप बताएगा, वाहन डयूटी क्षेत्र से बाहर तो नहीं

cVIGIL के माध्यम से चुनाव आयोग कार्यालय से ही सभी वाहनों पर भी नजर रखते हैं। इसके तहत हर वाहन में जीपीएस लगाया गया है, जिसे ऐप के साथ जोड़ा गया है। इससे पता चलता है कि कोई वाहन अपने डयूटी क्षेत्र से बाहर तो नहीं घूम रहा है। ऐसा पाए जाने पर तत्काल संबंधित अधिकारी को फोन से सूचित किया जाता है।