ज्यूरी, अतुल कश्यप। बधाल पंचायत के धराली नाले में सोमवार सुबह जैसे ही जोरदार धमाका हुआ तो एकदम नींद खुली। धमाका इतना जोरदार था कि पूरा गांव ही घर से बाहर आ गया। इसके बाद पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते पानी ने नाले नुमा रास्ते पकड़े और खड्ड का बहाव एक दम से बढ़ गया। बधात पंचायत के रहने वाले हितेंद्र चौहान बताते हैं कि खड्ड से जहां रोजाना सुबह पानी के चलने की आवाज सुनती थी, सोमवार की सुबह धराली खड्ड की आवाज ही लोगों को डरा रही थी।

पहाड़ गिरा या बादल फटा 

धमाके के कुछ ही देर में गांव के अधिकतर लोग बाहर तो आए गए लेकिन हुआ क्या है किसी को कुछ समझ नहीं आया। चंद ही सेकंड के बाद प्रकृति ने इनसान के इस असमंजस को भी खड्ड में बड़े पानी के बहाव की आवाज से दूर कर दिया। लोग डरे थे, पहाड़ गिरा या फिर कहीं बादल। कहां कितना नुकसान हुआ होगा, सभी बिना होंठ खोले आंखों से एक दूसरे की तरफ यहीं सवाल लिए देख रहे थे। 

खड्ड की आवाज बढ़ते ही क्षेत्र के लोग समझ गए कि बादल फटा है। खड्ड विराट रूप ले चुकी है, शुक्र है कि पानी का कटाव गांव की तरफ नहीं हुआ, इससे नुकसान ज्यादा हो सकता था। सुबह होते ही सूरज की किरणें बिखरनी शुरू हुई तो लोग एक दूसरे का कुशलक्षेम पूछते रहे। इसके बाद जब लोग एनएच पांच पर पहुंचे तो पता चला कि बादल फटने के बाद जो बाढ़ आई थी। उससे रास्ता बंद हो गया था। इस बाढ़ में स्थानीय निवासी हरि चाैहान के भवन को नुकसान पहुंचा और वाहनों को क्षति पहुंची है। 

 

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 धमाके की आवाज से सतर्क हुए लाेग

दो किलोमीटर कर पानी के साथ बहते हुए पहुंचे पत्थर बादल फटने की घटना एनएच से करीब से डेढ़ से दो किलोमीटर दूर हुई है। इसके साथ पानी धराली खड्ड में आया, लेकिन धमाके की आवाज सुनकर सभी लोग सतर्क हो गए और समय से घरों से बाहर निकल गए। यह पानी अपनी राह पर चलता रहा। पानी के साथ डेढ़ किलोमीटर दूर तक पत्थर बहते हुए सड़क तक पहुंचे। इसे लोक निर्माण ने जेसीबी की मदद खोलने के लिए लगा दी। दोपहर बाद तक इसे पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया।

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Edited By: Babita kashyap