Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल की छोटी काशी में देवताओं का संगम, धूमधाम से मनाया जा रहा शिवरात्रि महोत्सव; CM सुक्खू भी यात्रा में शामिल

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 02:40 PM (IST)

    Himachal international Shivratri Festival अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का भव्य आगाज मंडी में हो गया है। सात दिवसीय इस ऐतिहासिक उत्सव की शुरुआत देव परंपरा के अनुसार राज देवता माधोराय की शाही जलेब (शोभायात्रा) से हुई। प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। हल्की वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं और देवलुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है।

    Hero Image
    शिवरात्रि महोत्वस बड़े ही उत्साह से मनाया जा रहा है (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी कहलाए जाने वाली छोटी काशी यानी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का भव्य आगाज थोड़ी देर में होगा। सात दिवसीय इस ऐतिहासिक उत्सव की शुरुआत देव परंपरा के अनुसार राज देवता माधोराय की शाही जलेब (शोभायात्रा) से होगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थि हुए हैं। हालांकि मौसम ने करवट ली है, हल्की वर्षा शुरू हो गई है, लेकिन इससे न तो श्रद्धालुओं का उत्साह कम हुआ है और न ही देवलुओं का जोश ठंडा पड़ा है। वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच देवलु पारंपरिक नृत्य करते हुए इस दिव्य क्षण का आनंद ले रहे हैं।

    छोटी काशी हुई देवमयी, 200 से अधिक देवी-देवता पहुंचे

    अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में 200 से अधिक देवी-देवता अपने देवलुओं और कारदारों के साथ मंडी पधारे हैं। देव परंपरा के अनुसार, राज माधोराय की अगुआई में सभी देवी-देवता शिवरात्रि महोत्सव का हिस्सा बनते हैं।

    मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच, पड्डल मैदान और विभिन्न मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। देवताओं के स्वागत में मंडी नगर को भव्य रूप से सजाया गया है। हर गली-मोहल्ले में आस्था और उत्सव का वातावरण नजर आ रहा है।

    हल्की वर्षा, पर जोश बरकरार-मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से पहुंचेगे मंडी

    महोत्सव के शुभारंभ से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। हल्की वर्षा शुरू हो गई है। वर्षा से ठंड बढ़ गई है, लेकिन श्रद्धालुओं और देवलुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।

    पारंपरिक पोशाकों में सजे देवलु वाद्य यंत्रों की धुनों पर नृत्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मौसम को देखते हुए सड़क मार्ग से शिमला से मंडी के लिए रवाना हुए हैं। प्रशासन ने उनके स्वागत और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं।

    शाही जलेब: शिवरात्रि महोत्सव का अनोखा आकर्षण

    शाही जलेब यानी देव शोभायात्रा इस महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह शोभायात्रा मंडी के ऐतिहासिक माधोराय मंदिर से निकलती है। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पड्डल मैदान तक जाती है।

    शाही जलेब को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मंडी में उमड़ पड़े हैं। देव ध्वनियों और शंखनाद के बीच जब देव पालकियां,रथ शहर का भ्रमण करेंगे तो पूरी मंडी भक्तिमय माहौल में डूब जाएगी।

    हजारों लोग बने ऐतिहासिक मिलन के गवाह

    इस महोत्सव की एक विशेष बात यह भी है कि इसमें भाग लेने वाले देवी-देवता और उनके देवलु एक वर्ष बाद एक-दूसरे से मिलते हैं। यह मिलन केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह हिमाचली संस्कृति और देव परंपरा का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

    हर वर्ष हजारों लोग इस अनूठे आयोजन के साक्षी बनते हैं, जब देवता अपनी पालकियों में सवार होकर आम जनता के बीच आते हैं। यह क्षण श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उल्लास से भरा होता है।

    शाम को सेरी मंच पर सूफी गायक लखविंदर वडाली का कार्यक्रम

    महोत्सव के पहले दिन ऐतिहासिक सेरी मंच पर सूफी संगीत की महफिल सजेगी। प्रसिद्ध सूफी गायक लखविंदर वडाली अपने सुरों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। उनकी सूफी गायकी का जादू शिवरात्रि महोत्सव को और भी खास बना देगा।

    यह भी पढ़ें- खुशखबरी! 2 महीने के अंदर एक हजार शिक्षकों को मिलेगी नियुक्ति, हिमाचल सरकार ने तैयार किया प्लान; अंतिम चरण में भर्ती प्रक्रिया

    महोत्सव के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध

    अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस बल को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

    इसके अलावा यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। नगर में वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया है, और पार्किंग की सुविधा बढ़ाई गई है।

    शिवरात्रि महोत्सव: आस्था, परंपरा और भव्यता का संगम

    अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व देव आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक मेल-मिलाप का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है। भले ही मौसम परीक्षा ले रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं, देवलुओं, आयोजकों के जोश और भक्ति में कोई कमी नहीं आई है।

    जैसे-जैसे राज माधोराय की शाही जलेब निकलेगी, मंडी नगर एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। आने वाले सात दिनों तक छोटी काशी में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों की छटा बिखरी रहेगी, जहां हर कदम पर देव परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।

    यह भी पढ़ें- हिमाचल के स्टंटबाज युवक को पुलिस ने सिखाया सबक, वीडियो बनाकर फेसबुक पर करता था अपलोड; अब हुआ बड़ा एक्शन